दिल्ली: डीयू के पीएचडी प्रोफेसर, यूनिवर्सिटी के फुटपाथ पर तलती है पकोड़े

दैनिक समाज जागरण।एसडी सेठी। ये जुमला नहीं- ,हकीकत है। व्यवस्था की विडंबना है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के दौलत राम काॅलेज पीएचडी प्रोफेसर डाॅ. रितु सिंह यूनिवर्सिटी एरिया की फुटपाथ पर रेहडी लगाकर पकौडे तल रही है। ऐसा वह काॅलेज प्रशासन द्वारा उसको एडहाॅक प्रोफेसर की नौकरी से हटा दिए जाने से जार-जार हो सरकार को कटघरे में खडा कर दिया है।                 साइकाॅलजी विभाग में प्रोफेसर  रही डाॅ रितु सिंह का आरोप है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी प्रशासन  ने दलित होने की वजह से उन्हें नौकरी से निकाल दिया। दरअसल प्रोफेसर डाॅ रितु सिंह प्रशासन की दलित विरोधी सोच के खिलाफ पिछले काफी समय से डीयू में धरना दे रही हैं। डाॅ. सिंह एक साल तक असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर रही है।          जब गूंगी बहरी सरकार ओर प्रशासन ने उनकी नहीं सुनी तो उन्होंने डीयू की नाक तले पकौडे तलने की रेहडी लगा दी। सबसे मजेदार बात है कि  प्रोफेसर डाॅ. रितु सिंह ने रेहडी पर  बडा ही आकर्षित बोर्ड लगाया। जिसमें लिखा ‘ पीएचडी पकौडे वाली’  इसके साथ ही मैन्यू भी लिखा है ‘ जुमला पकौडा’ ( बेस्ट सेलर) ,स्पेशल रिक्रूटमेंट ड्राइव पकौडा’ एससी/एसटी ओबीसी  बैकलॉक पकौडा,डिस्प्लेसमेंट पकौडा  और बेरोजगारी स्पेशल चाय लिखा हुआ है। 

   डीयू की एक लेडी प्रोफेसर को डीयू परिसर में रेहडी लगाकर पकौडे तलते देख मौरिस नगर आर्ट फैकल्टी के गेट नंबर -4 पर राहगीरों की अच्छी खासी भीड जुट रही है। सभी ‘ पीएचडी पकौडे वाली ‘ को देखकर खासे हैरान और परेशान हो रहे हैं। उनमें से कई सहानुभूति के बतौर अपने मोबाइल से फोटो,वीडियो  और सैल्फी लेते दिखाई दिए। मगर सरकार प्रशासन का प्रोफेसर के प्रति दिल  तो नहीं पसीजा। उल्टे मौरिस नगर थाना पुलिस, के एसएचओ, एसआई समेत पूरी पलटन को लेकर आर्ट फैकल्टी के गेट नंबर -4 पर आ धमके और प्रोफेसर डाॅ. रितु सिंह और उनके साथी आशुतोष पर एफआईआर और दर्ज कर ली। ये ही नहीं धारा 144 को और लगा दिया।पुलिस के मुताबिक डाॅ.रितु सिंह की रेहडी की वजह से फुटपाथ का रास्ता चौक हो रहा है। राहगीरों को आने-जाने में खासी बाधा हो रही है। लिहाजा रेहडी को वहां से हटाने का हुक्म दिया। लेकिन प्रोफेसर ने नहीं नही हटाई। इस बात यर पुलिस ने आईपीसी 283/34 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली। इस बात की जानकारी प्रोफेसर डाॅ. रितु सिंह ने खुद अपने एक्स हैंडल पर फोटो और मैसेज को पोस्ट किया। पुलिस ने उसकी रेहडी को हटाकर एक बार फिर बेरोजगार कर दिया है।                             

 उल्लेखनीय है कि आत्माराम सनातन धर्म काॅलेज की दलित महिला प्रोफेसर को हटाए जाने का मामला खासा सुर्खयों मे रहा था। नरेला के ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाली प्रोफेसर ने भी प्रशासन परआरोप लगाया था कि सालों से एडहाॅक पर बतौर प्रोफेसर के नौकरी करने के बीच नए जनरल कैटिगरी की भर्ती कर दी गई।  और मुझे नौकरी से हटा दिया गया। पूछने पर अंदरूनी सच्चाई सामने आ गई। इसी कडी में डीयू के गैवेर हास्टल के बाहर 5-6 बेरोजगार युवाओ ने भी कांग्रेस के राज में   ‘ग्रेजुएट टी स्टाॅल’ के नाम का बोर्ड  ठोक कर फुटपाथ पर चाय की स्टाॅल लगाई थी। वह भी स्टूडेंट के बीच खासी चर्चा में रही थी।