दैनिक समाज जागरण विकास शर्मा
नगीना।नगर व उससे सटे आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आदमखोर गुलदार के लगातार बढ़ रहे हमलों के बाद।लोगों में दहशत का माहौल उत्पन्न हो गया है। इस आक्रोश को देखते हुए वन विभाग की आँखे भी खुलती हुई नज़र आने लगी।
नगीना क्षेत्र के ग्राम किरतपुर में आदमखोर गुलदार के आतंक की शिकार 14 वर्षीय किशोरी अदिति की मौत के बाद वन विभाग कुंभकर्णी नींद से जाग उठा है। लेकिन गुलदार को पकड़ने के लिए गांव में लगाए गया खाली पिंजरा वन विभाग की गंभीरता पर प्रशन चिह्न लगा रहा है। हालांकि वन विभाग की टीम ने ड्रोन कैमरे की मदद से गुलदार ढूंढने का प्रयास किया है वन विभाग के अधिकारियों ने बताया की गुलदार को पकड़ने के लिए अलग-अलग स्थानों पर 3 पिंजरे लगाए गए हैं तथा ड्रोन कैमरे की मदद से गुलदार को तलाश किया जा रहा है तथा हमारी टीम रात रात भर जागकर गुलदार को ढूंढने का प्रयास कर रही है मीडिया कर्मी के पूछने पर वन अधिकारी ने बताया कि आज रात गुलदार को पकड़ लिया जाएगा वन अधिकारी ने सभी ग्राम वासियों से अपील की है सभी लोग झुंड बनाकर जंगल जाए तथा अपने किसी भी बच्चे को अकेला जंगल में जाने दे तथा गुलदार दिखाई देने पर इसकी सूचना वन विभाग की टीम को तुरंत दें ।वही ग्राम प्रधान मोहम्मद यामीन ने किशोरी की मौत को लेकर सरकार से ज्यादा से ज्यादा मुआवजा दिलाए जाने की अपील की है । वहीं दूसरी तरफ जहां ग्रामीण पूरी पूरी रात जागकर पहरेदारी कर रहे है। वही वन विभाग के पास गुलदार को पकड़ने कि कोई ठोस योजना भी दिखाई नहीं देने से ग्रामीण अभी भी दहशत के माहौल में जीने को मजबूर हैं।
नगीना थाना क्षेत्र के कई ग्रामों में पिछले कई वर्षों से गुलदार का आतंक बना हुआ है।बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों पर गुलदार के हमले के बाद वन विभाग लकीर पीटने का काम तो करता है लेकिन आज तक एक गुलदार को भी पिंजरे में कैद नहीं कर पाया।जिसके चलते हालात जस के तस बने हुए हैं। ग्राम किरतपुर में एक किशोरी की मौत के बाद ।ग्रामीणों का आरोप है कि किशोरी की मौत के बाद भी गुलदार अभी भी गांव में घूम रहा है।
वन विभाग के दरोगा रुचित चौधरी का कहना है कि उनकी टीम रात्रि में ही गांव पहुंच गई थी तथा रात्रि के समय पिंजरे में बकरी बांधी गई थी। सुबह पिंजरे में बकरी नहीं बंधे होने की बात पर उनका कहना है कि बकरी केवल रात के समय बांधी जाती है । उनका कहना है की रात्रि भर उनकी पूरी टीम ने गांव में गुलदार के पद चिन्हों के आधार पर निगरानी में लगी रही।ग्रामीण सुभाष कुमार का कहना है कि वन विभाग के अधिकारी यदि पहले ही गुलदार को पकड़ने के लिए गंभीर हो जाते तो किशोरी के मौत की घटना शायद नहीं घटती। उनका कहना है कि रात्रि भर गुलदार की हलचल दिखाई दी।ग्रामीण सुरजन सिंह का कहना है कि किशोरी की मौत के बाद काफी संख्या में ग्रामीणों ने रातभर जागकर पहरेदारी की।ग्रामीण नाजिम का कहना है कि गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग कोई ठोस काम नहीं कर रहा है। जिसके चलते अब ग्रामीणों को ही आगे आना पड़ रहा है।ग्रामीण नीटू कुमार का कहना है कि किशोरी पर हमले के बाद भी गुलदार को गांव में घूमते देखे जाने से ग्रामीणों में दहशत व रोष का माहौल है।ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग जल्द से जल्द इस समस्या को हल करें।