जब शासन चुप रहा, तब गांव की महिलाएं जागीं। असम के श्रीभूमि जिले के आदर्श कृष्णनगर गांव में महिलाओं ने शराबियों के आतंक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। 3 साल से शाम के बाद जो सड़क शराबियों की अड्डेबाज़ी बन चुकी थी, अब उस पर महिलाएं पहरा दे रही हैं। 19 जुलाई की रात 9 बजे, दीपिका सिन्हा, रीता सिन्हा, बिजुली सिन्हा और गांव की अन्य साहसी महिलाओं ने मिलकर गांव की सुरक्षा की कमान संभाली — और शराबियों को चेतावनी दी: “अब और नहीं!” इस वीडियो में देखें कैसे गांव की सादगी के पीछे छुपा है साहस, संघर्ष और बदलाव का असली चेहरा। 📍स्थान: आदर्श कृष्णनगर, श्रीभूमि जिला, असम