दैनिक समाचार जागरण राकेश कुमार हरनौत प्रखंड नालंदा
हरनौत:प्रखंड के अस्पताल में बुधवार को पेपरलेस इलाज की सुविधा बहाल हो गयी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरनौत में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने डॉ. राजीव रंजन सिन्हा ने “भव्या” एप्लिकेशन की शुरुआत फिता काट कर किया |
वहीं पहले दिन अस्पताल में प्रथम मरिज के रूप में मुकेश कुमार समेत कुल 70 रोगियों ने निबंधन व इलाज कराया।
चिकित्सा प्रभारी ने बताया कि भव्या बहुत ही बेहतर प्लेटफॉर्म है। एक बार निबंधन कराने या भव्या से लिंक होने के बाद रोगियों को दोबारा दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। वे क्यूआर कोड स्कैन कर या सिर्फ आभा नंबर बोलकर अपनी बीमारी का इलाज करा सकेंगे। इसकी सबसे बड़ी खासियत होगी कि डॉक्टर रोगी का मेडिकल हिस्ट्री को भी ऑनलाइन देख सकेंगे। इससे इलाज करने में सहुलियत होगें |
अस्पताल के काउंटर पर विभिन्न लोगों को दवाएं दी गयी। वहां दी जा रही दवाओं को भी ऑनलाइन चढ़ाया गया। इस दौरान इंप्लिमेंटेशन हेड आनंद कुमार, वरीय प्रशिक्षक कु.प्रियेश,जिला समन्वयक चंदन कुमार, राज किशोर और प्रवीण कुमार ने तकनीकी सहायता की। कई लोगों का भव्या पोर्टल पर निबंधन करने में भी मदद की।
*क्या है भव्या :*
बिहार हेल्थ एप्लिकेशन विजनरी योजना फॉर ऑल का लघु रूप ‘भव्या(BHAVYA) है। इसे बिहार सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल को बढ़ावा देने व एक ही प्लेटफॉर्म पर रोगियों का डाटा संग्रह करने के लिए लागू किया है। भव्या में निबंधन कराने के लिए रोगी को सिर्फ अपना आधार नंबर व इससे लिंक्ड मोबाइन नंबर बताना होगा। निबंधन काउंटर पर बैठा स्वास्थ्यकर्मी इसके बाद कुछ जानकारियां लेगा। उसे डालते ही मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। इसे डालते ही भव्या वेब पोर्टल पर आपका 14 अंकों का आभा नंबर मिल जाएगा। इसके बाद आप अपना मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी, रोगी का नाम, आभा नंबर या आभा आईडी से राज्य के किसी भी अस्पताल में अपना नंबर लगाकर इलाज करा सकते हैं।
*आभा नंबर को भव्या से कर लें लिंक :*
आयुष्मान भारत हेल्थ कार्ड (आभा) केंद्र सरकार की पोर्टल है। एक बार आभा नंबर मिल जाने पर आप देश कि किसी भी अस्पताल में उस नंबर से अपना इलाज करवा सकते हैं। जिनका पहले से आभा नंबर बना हुआ है। वे बस उसे भव्या से लिंक करवा लें। इसकी सुविधा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी उपलब्ध है।
*बार-बार नहीं बदलेगी निबंधन संख्या :*
फिलहाल रोगी अपना इलाज कराने के लिए अस्पताल में सबसे पहले निबंधन करवाते हैं। जहां बार-बार उनका निबंधन संख्या बदलती रहती है। जबकि, भव्या से लिंक होने पर रोगियों का एक बार ही निंबधन हो जाएगा। वह निबंधन संख्या ताउम्र वही रहेगी। जिसका उपयोग वे इलाज के दौरान कर सकेंगे।
इस मौके अस्पताल प्रबंधक राजेश कुमार, स्वा. प्र.शि. जयराम सिंह, मनोज कुमार,,डॉ.निशी वर्मा, डॉ. सूरज कुमार
ब्लाक एमएसई समेत अन्य लोग मौजूद रहे|

