
*हिंदी और अंग्रेजी के पेंच में फसा लोहार जाति का आरक्षण, लोहार को नही लोहारा को मिलेगा अनुसूचित जनजाति का लाभ*
*लोहारा कोई जाति नहीं, लोहार ही लोहारा है*
गया से (रमेश कुमार)शहर के गांधी मैदान स्थित धरना स्थल पर गुरुवार को आदिवासी जागरण मंच के नेतृत्व में काला बिल्ला लगाकर धरना प्रदर्शन किया। जिसकी अध्यक्षता आदिवासी जागरण मंच के रामाश्रय विश्वकर्मा एवं संचालन विगन विश्वकर्मा ने किया।
इस धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोहार समाज सरकार को बताने का प्रयास किया कि लोहार जाति ही लोहारा है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 2016 में लोहार जाति को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिलाने का कार्य किया था जिसे उच्च न्यायालय द्वारा लोहार और लोहारा कहकर इसे निरस्त कर दिया गया जो असंवैधानिक है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने काली पट्टी लगाकर अपनी हक को सरकार से अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने का मांग कर रहे हैं।
जिलाध्यक्ष भीम विश्वकर्मा ने कहा कि बाबा भीमराव अंबेडकर का दिया हुआ हक हम लोगों को छीना जा रहा है, जो लोहार जाति के साथ अन्याय किया जा रहा है। धरना प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी से मिलकर एक ज्ञापन पत्र सौंपा है और मांग किया है कि लोहार जाति को आदिवासी का दर्जा दिया जाय, अगर दर्जा नहीं दिया जाता है तो आदिवासी जागरण मंच सड़क पर उतर कर आंदोलन करने पर विवश होंगे। इस मौके पर रघुनंदन विश्वकर्मा, उमेश विश्वकर्मा प्रदीप विश्वकर्मा, सुधीर विश्वकर्मा जयप्रकाश विश्वकर्मा राजेश विश्वकर्मा, लीलावती शर्मा, कलावती देवी भोला विश्वकर्मा ,सहित कई लोग शामिल रहे।