कटनी:- महाराष्ट्र के परभणी जिले की सेलू तहसील में दूधना मैया की गोद में बसा छोटा सा गांव ब्रह्मवाकड़ी इन दिनों भक्ति और राष्ट्रप्रेम की अद्भुत लहरों से सराबोर है। राष्ट्रभक्त परम तपस्वी संत त्यागीजी महाराज की प्रेरणा से यह गांव एक तीर्थ क्षेत्र में तब्दील हो गया है, जहां हर घर को ‘राम’ बनाने का संकल्प लिया गया है।
ब्रह्मवाकड़ी तीर्थ में 4 अप्रैल से 12 अप्रैल तक श्रीमद वाल्मीकि रामायण राम कथा का भव्य आयोजन हो रहा है। यह कथा राष्ट्र रक्षा और विश्व कल्याण के महान उद्देश्य को समर्पित है, जिसमें भारत के विभिन्न पवित्र क्षेत्रों से संत, महात्मा और श्रद्धालुजन भाग लेने के लिए पहुंच रहे हैं।
इस नौ दिवसीय ज्ञान यज्ञ का मुख्य उद्देश्य गौ हत्या को पूर्णतः बंद कराना और चारों शंकराचार्य जी की प्रेरणा से गौ माता को राष्ट्र माता के रूप में घोषित कराना है। संत त्यागीजी महाराज का मानना है कि गौ माता भारतीय संस्कृति और अर्थव्यवस्था की आधारशिला हैं और उनकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का परम कर्तव्य है।
कथा का शुभारंभ 4 अप्रैल को सुबह 7:30 बजे भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। गांव की महिलाओं ने मंगल कलश धारण कर पूरे गांव का भ्रमण किया, जिसके साथ ही शंखनाद ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। प्रतिदिन सायं 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक संत त्यागीजी महाराज के मुखारविंद से ज्ञान की गंगा प्रवाहित हो रही है, जिसमें श्रोतागण रामकथा के अमृत रस का पान कर रहे हैं।
इस आध्यात्मिक आयोजन से समस्त गांव क्षेत्र के लोगों में अपार आनंद और उत्साह का संचार हो रहा है। हर आयु वर्ग के लोग कथा श्रवण के लिए उत्सुक दिखाई दे रहे हैं और गांव में एक सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया जा रहा है।
संत त्यागीजी महाराज, जो दुनिया के सबसे पवित्र तीर्थ महानदी मैया की गोद में स्थित ज्ञान तीर्थ स्वर्ग धाम विलायत कला (कटनी, मध्य प्रदेश, भारत) में सेवा कार्यों के लिए समर्पित हैं, का जीवन त्याग और तपस्या का अनुपम उदाहरण है। उनके आश्रम में भोजन, शिक्षा और संस्कार को ही जीवन का आधार माना जाता है।
कर्मयोगी और प्रकृति पुत्र के रूप में विख्यात संत त्यागीजी महाराज मानव में देवत्व जगाने और धरती पर स्वर्ग सजाने के महान कार्य में सम्पूर्ण विश्व में संलग्न हैं। उनका परम लक्ष्य संपूर्ण मानवता को सुरक्षित रखना और लोक कल्याण को सर्वोपरि मानना है।
ब्रह्मवाकड़ी में आयोजित यह राम कथा न केवल आध्यात्मिक उत्थान का माध्यम है, बल्कि यह राष्ट्रप्रेम और विश्व बंधुत्व की भावना को भी सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। संत त्यागीजी महाराज की प्रेरणा से यह गांव एक ऐसा आदर्श प्रस्तुत कर रहा है, जहां धर्म, संस्कृति और राष्ट्रीयता एक साथ मिलकर एक सशक्त और समृद्ध समाज का निर्माण करते हैं। यह आयोजन निश्चित रूप से क्षेत्र के लोगों के जीवन में एक अविस्मरणीय छाप छोड़ेगा और उन्हें ‘हर घर राम’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में प्रेरित करेगा।