अनूपपुर/झूलेलाल जयंती एक हिंदू त्योहार है, जो सिंधी समुदाय के संरक्षक संत झूलेलाल के सम्मान में मनाया जाता है। झूलेलाल को सिंधी लोगों के बीच एकता और शक्ति के प्रतीक के रूप में माना जाता है। भारतीय सिंधु समाज के अध्यक्ष तेजमल भोजवानी में बताया कि झूलेलाल सिंधी समाज के इष्टदेव हैं। झूलेलाल जयंती सिंधी समाज के लोग बहुत ही उत्साह और जोश के साथ मनाते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार झूलेलाल जयंती चैत्र मास की द्वितीया तिथि को मनाई जाती है। झूलेलाल भगवान वरुणदेव के अवतार है। भगवान झूलेलाल की जयंती को सिंधी समाज चेटीचंड के रूप में मनाता है। जिसे सिंधी नववर्ष के रूप में भी मनाया जाता है। चेटीचंड हिंदू कैलेंडर के अनुसार चैत्र शुक्ल द्वितीया को मनाया जाता है। सिंधी समाज में मान्यता है कि जल से ही सभी सुखों और मंगलकामना की प्राप्ति होती है इसलिए इसका विशेष महत्त्व है। श्री तेजमल ने बताया कि श्री झूलेलाल जयंती चैट्री चांद 10 अप्रैल 2024 दिन-
बुधवार को सिंधी धर्मशाला अनूपपुर में बड़े धूमधाम से मनाई जाएगी। कार्यक्रम की व्यवस्था भारती सिंधु नवयुवक मंडल में संभाली है, भारती सिंधु नवयुवक मंडल अनूपपुर के अध्यक्ष नवीन केवलानी विज्ञप्ति में बताय कि श्री झूलेलाल जयंती चैट्री चांद 10 अप्रैल 2024दिन-
बुधवार को सिंधी धर्मशाला अनूपपुर में मनाई जाएगी जिसमें 11:30 बजे श्री झूलेलाल सांई जी की आरती की जाएगी एवं इसके पश्चात दोपहर12:00 बजे से भारतीय सिंधु महिला मण्डल द्वारा भजन कीर्तन करेंगे इसके पश्चात 1:00 बजे से प्रसाद वितरण एवं भंडारा प्रारंभ होकर 4.30 तक भंडारे का कार्यक्रम किया जाएगा इसके पश्चात 4:00 बजे से विशाल शोभायात्रा सिंधी धर्मशाला अनूपपुर से निकलेगी जिसमें सिंधी समाज के सभी महिला पुरुष शामिल होंगे जिसने ड्रेस कोड भी रखा गया है महिलाएं मेहरून कलर और पुरुष वाइट और रेड कलर का ड्रेस पहनकर शोभायात्रा में शामिल होंगे शोभा यात्रा सिंधी धर्मशाला से निकाल कर राम जानकी मंदिर होते हुए रेलवे स्टेशन चौराहा पहुंचेगी यहां से मेंन बजार होते हुए कोतवाली तिराहे से बस स्टैंड होते हुए सामतपुर तालाब पहुंच कर विसर्जित होगी । मार्ग में जगह-जगह पर शोभायात्रा पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया जाएगा।