लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची को अंतिम रूप देने के मकसद से मंथन करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) की बैठक शुक्रवार तड़के समाप्त हुई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए. पहली लिस्ट को लेकर भाजपा की यह मंथन गुरुवार रात 10.50 बजे शुरू हुई जो शुक्रवार तड़के 3.15 बजे तक चली. भाजपा केंद्रीय समिति की बैठक में पहली लिस्ट को लेकर जो बातें सामने आई हैं, उसके मुताबिक यूपी में भाजपा सहयोगी दलों के लिए आधा दर्जन सीटें छोड़ सकती हैं. इतना ही नहीं, पहली लिस्ट में पीएम मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित करीब 30 नामों पर मुहर लग सकती है, जिस पर बैठक में चर्चा हुई. पहली लिस्ट में ज्यादातर पश्चिमी यूपी की सीटें होंगी.
सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय चुनाव समिति में तेलंगाना पर भी काफी चर्चा हुई. तीन सिटिंग सांसदों को इस बार फिर दोबारा टिकट दिए जाने की संभावना है. पहली सूची में तेलंगाना से 4-5 नामों के घोषणा की उम्मीद है. माना जा रहा है कि जी किशन रेड्डी, बंडी संजय कुमार, अरविन्द धर्मपुरी को दोबारा टिकट मिल सकता है. वहीं, पश्चिम बंगाल में आधे से ज्यादा निवर्तमान सांसदों को टिकट मिल सकता है. इसमें जगन्नाथ सरकार, लॉकेट चटर्जी, दिलीप घोष, सुकांतो मजुमदार प्रमुख हैं. भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह को आसनसोल से टिकट दिया जा सकता है. इसके अलावा, केरल से भाजपा 5-6 उम्मीदवारों का नाम का ऐलान कर सकती है.
मध्य प्रदेश की सारे सीटों पर केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में चर्चा हुई. खास तौर पर छिंदवाड़ा को लेकर विशेष रणनीति बनाई गई. सूत्रों की मानें तो शिवराज सिंह चौहान को विदिशा से लड़ाया जा सकता है. खुद शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि पार्टी हाई कमान जो आदेश देगा, उसका पालन किया जाएगा. वहीं, ज्योतिरादित्य सिंधिया के ग्वालियर से चुनाव लड़ने की उम्मीद है. इतना ही नहीं, एमपी से कुछ विधायकों को भी टिकट दिया जा सकता है.
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