नोएडा समाज जागरण डेस्कनोएडा प्राधिकरण और नोएडा मे ठेली पटरी पर काम करने वालों की आये दिन तू-तू मै-मै कोई नयी बात नही है। जहाँ नोएडा प्राधिकरण वेंडर के लिए हर सुविधा मुहैया कराने की दावा करती है वही वेंडर प्राधिकरण पर शोषण का आरोप लगाते हुए प्रदेश के मुखिया तक शिकायत लेकर पहुँच रहे है। बड़ी संख्या मे वेंडर अपनी मांग को लेकर माननीय उच्च न्यायालय की शरण मे भी गए है। इसको लेकर माननीय न्यायालय ने एक ग्रिवेंस कमेटी का गठन कर मामले मे त्वरित एक्शन लेते हुए जबाब देने के लिए भी आदेश पारित किया हुआ है। नोएडा प्राधिकरण दावा करती है कि अभी तक 129 वेंडिंग जोन का निर्माण करवाया गया है और उसमे वेंडर को शिफ्ट भी करवाया गया है। लेकिन वेंडर का शिकायत है कि उसे अभी तक वेंडिंग जोन बनाकर नही दिया गया है । प्राधिकरण ने लगभग 5 हजार वेंडर को अभी तक लाइसेंस दिया हुआ है। इसके बावजूद भी बहुत सारे वेंडिंग जोन खाली है।
अब सवाल उठता है कि अगर वेंडिंग जोन बनाये गए है तो वेंडर सड़क पर क्यों है ? अगर वेंडर को जगह नही मिला है तो आखिर वेंडिंग जोन खाली क्यो है ? नोएडा सेक्टर 108 वेंडिंग जोन संख्या 3 जहाँ पर 20 वेंडर का लिस्ट लगाया गया है लेकिन वहाँ पर मात्र एक दुकान है बांकि के 20 वेंडर कहाँ। अगर यहाँ पर वेंडर नही था तो लिस्ट किसका लगाया गया है ? क्या यह लोग वेंडिंग जोन मे जगह मिलने के बाद भी सड़क पर या किसी गली के कोने पर दुकान लगा रहे है ? अगर ऐसा है तो इसके लिए जिम्मेदार सर्किल आफिसर और सुपरवाइजर पर कार्यवाही क्यो नही की जा रही है ?

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