पंकज कुमार पाठक, संवाददाता पदमा, दैनिक समाज जागरण
पदमा प्रखंड निवासी पुरुषोत्तम कुमार पाण्डेय ने थैलेसेमिया पीड़ित 1 वर्षीय मासूम बच्ची के लिए रक्तदान किया। उन्होंने बताया कि रक्त के अभाव में किसी की जान न जाए इसलिए बीते छः सात वर्षों से निरंतर रक्तदान कर रहा हूँ। साथ ही अन्य लोगों को प्रेरित भी कर रहा हूँ। यह मेरा 21वीं बार रक्तदान है। मैं हमेशा से समाज सेवा को मानव जीवन का एक अंग मानता हूँ। अब तक मैं खुद के अलावा अपने मित्रों सहयोगीयों द्वारा व रक्तदान शिविर लगाकर लगभग 8 सौ से अधिक रक्त की कमी से जूझ रहे लोगों को मदद कर चुका हूँ। रक्तदान कर किसी की मदद करने से आत्मिक प्रसन्नता मिलती है व जीवन सार्थक हो जाता है। रक्तदान से किसी भी प्रकार की शारीरिक क्षति नहीं होती है, हमारे शरीर में नये रक्त की उत्पत्ति होती है, जिससे शरीर हमेसा स्वस्थ रहता है। साथ ही कहा की समाज में बहुत ही ऐसे लोग हैं जिन्हें रक्तदान करने से डर लगता है तो हमारा कर्तव्य है की हम उन्हें जागरूक करें।
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