चोपन ब्लाक के ग्राम पंचायतों के टेंडर प्रक्रिया में, कई वर्षों से चल रहा है भ्रष्टाचार का खेला*


संवाददाता आदिवासी सुनील त्रिपाठी। दैनिक समाज जागरण
चोपन/ सोनभद्र। जहां एक ओर प्रदेश की सरकार गाँव में हो रहे विकास कार्यों की पारदर्शिता को लेकर दृढ संकल्पित हैं और इसके लिए निविदा प्रकाशन एवं टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने के निर्देश भी दिए गए हैं लेकिन दुद्धी ब्लॉक के कुछ सचिवों ने सेटिंग के तहत अल्पकालीन निविदा प्रकाशन करवाकर अपने चहेतों को सप्लायर बनाने का खेल शुरू कर दिया हैं।
जिसको लेकर वित्तीय वर्ष शुरू होते ही सवाल उठने लगे हैं। कुछ तथाकथित सचिव के सप्लायर ही अल्पकालीन निविदा का प्रोफार्मा लेकर निविदा छपवाने में लगे हैं ताकि निविदा डालने की तारीख सिर्फ उनको पता हो और अन्य लोग कोई निविदा न डाल सके जबकि जिन ग्राम पंचायतों का टेंडर छपा हैं उस ग्राम पंचायत के कार्यालय में न तो टेंडर फॉर्म हैं और न ही अभी तक निविदा बॉक्स ही रखा गया हैं।
ऐसे में आशंका जतायी जा रही हैं कि संबंधित सचिव निविदा छपवाने के बाद सेटिंग के तहत सप्लायर रखने के जुगाड़ में जुट गए हैं ताकि सरकारी धन का जमकर बंदरबाँट किया जा सकें। उधर ग्रामीणों का कहना हैं कि टेंडर प्रक्रिया को लेकर ग्राम पंचायत कार्यालय पर न तो कोई नोटिस चस्पा हैं और न ही ग्राम पंचायत कार्यालय से किसी तरह के फॉर्म की ही बिक्री की जा रही हैं।
इससे समझ सकते हैं कि ग्राम पंचायत कितनी पारदर्शिता के साथ टेंडर प्रक्रिया सम्पन्न करा रही हैं।
जबकि विकास खण्ड चोपन में भी तथा कथित सप्लायर सचिवों से मिल कर कई वर्षों से खेला करते चले आ रहे है।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की हैं कि ग्राम पंचायत में सप्लाई का टेंडर ग्राम पंचायत कार्यालय से ही हो व समाचार पत्रों की छायाप्रति ब्लाक व ग्रामपंचायतो पर चस्पा हो दबी जुबान कुछ सप्लायरों ने तो नाम न छापने की शर्त पर जिलाधिकारी महोदय से यह अनुरोध भी कर रहे हैं कि टेंडर प्रक्रिया की वीडियोग्राफ़ी कराते हुए सम्पन्न कराया जाय। ताकि टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।

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