ध्वस्त पुलिया के स्थान पर मिट्टी रेत की बोरियों से बना दिया रपटा
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धनपुरी। सोहागपुर कोयलांचल प्रबंधन द्वारा थूक में सत्तू घोलने की कहावत को चरितार्थ करने का प्रयास किया जा रहा है। कैसे यह जानना जरूरी है- पहली बारिश से पूर्व में क्षतिग्रस्त पुल के बगल में आखिरकार कालरी प्रबंधन के द्वारा ठेकेदार के माध्यम से 17 लाख की लागत से टेंपरेरी रपटा बनाया गया हैं। ठेकेदार के द्वारा नाले पर पांच सीमेंट पाइप ढोला मिला कर रखा गया है और ढोला के ऊपर चारों ओर रोड के उंचाई तक सैकड़ों की संख्या में (मिट्टी रेत) से भरी बोरिया को बिछाकर उसके ऊपर रोड बनाया गया है। सवाल यह उठता है कि जो टेंपरेरी पुल बनाया जा रहा है उस पुल से 40-50 टन भारी वाहन क्या निकल पाएंगे। रेस से भरी बोरियां भारी वाहनों का बजन सह पाएगी। 3 माह के बाद बरसात होगी तब भी क्या यह रपटा सही सलामत बरसात में भी आवागमन इस रप्टा से हो पाएगा यह समय ही बताएगा पुल कितना मजबूत है।
ध्वस्त हो चुकी पुलिया
महाप्रबंधक कार्यालय चौक से वेलकम गेट और मुड़कटिया नाला के बीच लगभग 1 किलोमीटर सड़क व बैगा ओसीएम रोड से बरसात के समय पुलिया क्षतिग्रस्त हो जाने के चलते आवागमन अवरुद्ध हो गया था। गत 8 माह से आवागमन अवरुद्ध होने के चलते पुल से निकलने वाली कालरी की कोयला से भरे और खाली, भारी वाहन सभी धनपुरी वार्ड नंबर 1 कॉलेज तिराहा से मॉडल रोड होते हुए आजाद चौक से बुढार कोयला साइडिंग पहुंचते हैं। 8 माह से 24 घंटे कोयले भरी वाहन निकलती थी जिससे कोल् डस्ट को लेकर व्यापारी दुकानदार परेशान थे।
कम होगी परेशानी
बुढ़ार कोल सायड़िग की ओर, जाने वाले कोयले भरी वाहन खैरहा, दामनी और राजेन्द्रा खदान से बुढ़ार सायडिंग तक जाने वाले वाहन को उक्त पुल के टूट जाने से एक लम्बी दूरी तय करनी पड़ रही है अब फिर से नऐ रपटा पुल बनने से अब कोल परिवहन की लीड कम हो जाएगी और वही जनता जनार्दन को भी परेशानी काम हो जाएगी। आजाद चौक निवासियों को बड़े वाहनों का आवागवन वाई पास रोड से होने से कोल डस्ट की समस्याओं निजात मिलेगा।
इनका कहना है-
मैं अभी मीटिंग में हूं इसलिए कुछ भी नहीं कह सकता।
श्री जैन एस ओ सिविल सोहागपुर एरिया
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