शहडोल। जिले की यातायात व्यवस्था इन दिनों ठप्प पड़ी हुई है। इस विभाग के शीर्ष अधिकारी महाभारत के धृतराष्ट्र की तरह नेत्रहीन बने हुए हैं जिस प्रकार महाभारत युद्ध का आंखों देखा हाल संजय धृतराष्ट्र को सुनाता है और धृतराष्ट्र वही सुनता और जानता है जो कि संजय बताता है ठीक उसी तरह यातायात विभाग के शीर्ष आलाधिकारी अपने एक आरक्षक को महाभारत का संजय मान बैठे हैं जिले में जिस तरह का हाल वह अपने शीर्ष अधिकारियों को पहुंचाना है वह उसे ही सत्य मान लेते हैं इस संजय रूपी आरक्षक के ही कहने पर जिले में ट्रैफिक व्यवस्था का सिस्टम और मैनेजमेंट संचालित हो रहा है वह जब जहां जिसे चाहे वही आधी अधूरी जानकारी धृतराष्ट्र रुपी शीर्ष अधिकारी को देता रहता है।