कोतमा। राजनगर के ह्दय स्थल भगत सिंह चौक पर फर्जी भर्ती सविलियन के विरोध में 1 अप्रैल जनसंवाद व प्रेसवार्ता की गई जहाँ इस मामले पर कई जनप्रतिनिधियों ने अपनी प्रक्रिया देते हुये कहाँ की पूर्व मे ग्राम पंचायत में पदस्त अधिकारीयों के साथ ही जिले से लेकर संभाग तक के कुछ अधिकारीयों के सहमति से यह कार्य किया गया। जिसमें जिला, संभाग व अन्य राज्य के लोगों को कूट रचना कर फर्जी दस्तावेज तैयार कर एक,एक परिषद से 50 से 60 अतरिक्त लोगों को समलित किया गया। जिसका विरोध होने पर सम्बंधित विभाग द्वारा जांच भी की गई थी। जिस पर नगर परिषद में किये गए भ्रष्टाचार के इस पुरे मामले पर दोसी पाए जाने पर पूर्व में सम्बंधित विभाग द्वारा कइयों पर कार्यवाही करते हुये कार्य से पृथक किया गया साथ ही शासन की राशि को फर्जी तरीके से सम्बंधित को लाभ दिलाने पर रिकबरी के आदेश भी दिया गया था। जिसकी आज दिनांक तक कोई रिकबरी नहीं हो सकी है।
जिन के करीबी फर्जी भर्ती सविलियन में सम्मिलित उन्होंने बनाई दूरी
राजनगर की धरा डोला, डूंमर कछार, बंनगवा में पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान वर्ष 2016-17 में पधार कर नगर की जनता को सौगात के रूप में तीन ग्राम पंचायत को नगर परिषद का दर्जा दिया गया था जहाँ इस सौगात से नगर में पूरी तरफ खुशी का माहौल था. लेकिन कुछ मठाधिसो ने एसा चक्रवियूह रचा की नगर के युवाओ को दर किनार करते हुये अपने सगे सम्बन्धियों को फर्जी भर्ती संविलियन में समलित कर उच्च अधिकारी तक दस्तावेज प्रस्तुत किये. जिसके विरोध में नगर परिषद के मस्टर कर्मचारीयों के द्वारा राजनगर के हृदय स्थल भगत सिंह चौक पर बैठक रखी गई जहां पर देखा गया कि इस फर्जी भर्ती संविलियन में जिन लोगो के करीबियों को सम्मिलित किया गया था उन सभी ने जनसंवाद,प्रेस वार्ता से अपनी दूरी बनाई रखी इससे यह सब देखा जा रहा है कि कहीं न कहीं इस बड़ी फर्जी भर्ती संविलियन में नगर के बेरोजगार युवाओं के साथ यहां के चिन्हित लोगों के द्वारा ही युवाओं के हक को मारा गया है व भ्रष्टाचार को अंजाम दिया है।
भगत चौक पर आयोजित जनसंवाद एवं प्रेसवार्ता में अध्यक्ष, उपाध्याय सहित कई पार्षद रहें उपस्थित
जनसंवाद के माध्यम से अपनी बातों को रखते हुये जनप्रतिनिधियों ने बताया की नगर में फर्जी तरीके किये गए संविलियन भर्ती कर्मचारियों द्वारा जिस तरह से न्यायालय में गलत तथ्य पेश कर फर्जी भुगतान कराने का प्रयास किया था
उसे लेकर मास्टर कर्मचारी व संविलियन कर्मचारीयों के साथ ही नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है। जिस पर राजनगर में जन संवाद एवं प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया जहाँ पर मंच के माध्यम से उपस्थित मंचासीन अतिथियों द्वारा नगर में हुये भ्रष्टाचार को लेकर जम कर आवाज उठाई गई कार्यक्रम में समस्त राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों ट्रेड यूनियन के नेताओं एवं आम जनों को आमंत्रित किया गया था।
पूर्व मुख्यमंत्री के सौगात पर पोती जा रही कालिक नगर के युवाओ के साथ छल
जनसंवाद व प्रेस वार्ता कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने जन संवाद को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जिस तरह से इस क्षेत्र को सौगात दी थी उससे अधिक काले कारनामे कर संविलियन भर्ती कर माननीय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के साथ साथ सरकार के मंसूबे पर जिम्मेदार लोगों द्वारा पानी फेरा गया है। देश पर आई कोरोना जैसी महामारी में नगर के स्थानीय सविलियन कर्मचारी,मास्टर कर्मचारीयों ने अपनी व अपने परिवार की जान जोखिम में डालकर काम किया। जब की अन्य लोगों ने पुरे कोविड़ काल में दूरिया बना रखी थी।
फर्जी भर्ती सविलियन में प्रशासन द्वारा की गई थी कार्यवाही
अपनी बातों को रखते हुए मंचाशीन जनप्रतिनिधियों ने बताया कि जब पूर्व में इस फर्जी भर्ती सविलियन को लेकर आवाज बुलंद की गई थी जहाँ पूरे प्रकरण की जांच भोपाल स्तर पर कराई गई थी और जांच पर दोषी पाए जाने पर फर्जी संविलियन भर्ती में एसडीएम से लेकर नगरीय प्रशासन में संयुक्त संचालक जैसे बड़े अधिकारी के ऊपर कार्यवाही की गई थी साथ ही उन्हें बर्खास्त भी कर दिया गया था तो यह संविलियन कर्मचारी सही कैसे हो गए। भारत देश में ऐसी कोई ग्राम पंचायत नहीं होगी जहां तीन या चार से अधिक कर्मचारी होते होंगे फिर भी एक-एक नगर परिषदों में 65 से 70 लोगों का संविलियन किया गया जो खुद अपने आप में एक सवालिया निशान खड़ा करता है जिसके लिए हम सभी को एकजुट होकर जन आंदोलन करना होगा और माननीय न्यायलय के सामने सही साझय देने होंगे।
वही जब इस पूरे प्रकरण में संयुक्त संचालक शहडोल से जानकारी के लिए उनके मोबाइल नंबर पर विगत 2 दिन से संपर्क किया जा रहा है लेकिन उनके द्वारा फोन उठाना उचित नहीं समझ गया और ना ही रिटर्न कॉल की गई।
इनका कहना है।
नगर पालिका एरिया के सम्बन्ध में हमें कोई जानकारी नहीं है।
तन्मय वशिष्ट शर्मा
जिला पंचायत सीओ अनूपपुर
इनका कहना है।
न्यायलय द्वारा समय दिया गया था अधिकारीयों द्वारा समय पर दस्तावेज प्रस्तुत न करने पर न्यायलय द्वारा निर्णय दिया गया है हम सभी मस्टर कर्मचारी सही दस्तावेज कोट के समझ प्रस्तुत करेंगे।