गैरतलाई में संचालित कुटेश्वर लाइमस्टोन माइन्स का मामला
नही मिल रही मूलभूत सुविधाएं
कटनी जिले के बरही तहसील मुख्यालय से 10 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत गैरतलाई में संचालित भारत सरकार का उपक्रम कुटेश्वर लाइमस्टोन से प्रभावित हजारों ग्रामीण व मजदूर वर्षों से शोषण का शिकार हो रहे हैं लेकिन प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। गौरतलब है कि यहां लगभग चार दशक पूर्व कंपनी स्थापित हुई थी जहां से रॉ मैटेरियल निकाल कर स्टील बनाने के उपयोग में लिया जाता है जिसमें शासन को कई करोड़ रुपए का प्रतिमाह राजस्व प्राप्त होता है बावजूद कंपनी से प्रभावित ग्रामीण व मजदूरों को लिए मूलभूत सुविधाएं नही मिल रही है। बताया गया है कि गैरतलाई,घंघरौटा,जारारोडा के हजारों ग्रामीणों के जमीन पर कंपनी रॉ मटेरियल का खनन करती है जिसमे शासन को अच्छा राजस्व प्राप्त है बावजूद यहां के गरीब शोषित वंचित आदिवासियों को मूलभूत सुविधा नही मिल रही जबकि शासन के निर्देश अनुसार कंपनी की ओर से अस्पताल,स्कूल,सड़क,लाइट,पानी खेलकूद सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने का प्रावधान है लेकिन प्रभावितों को कंपनी की ओर से किसी भी तरह की कोई भी सहायता नही मिल रही। गांव के मुंशी साहू,लक्ष्मण प्रजापति, मनीराम प्रजापति, कल्लू साहू निवासी,गैरतलाई के ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में हजारों मजदूर कंपनी में काम करते थे जिनको शासन के निर्देश अनुसार कंपनी से प्रभावित ग्रामीण व मजदूरों को सहायता दी जाती थी। अब यहां वर्षों से कंपनी का काम भगवान भरोसे चल रहा है जनप्रतिनिधियों के संरक्षण में कुछ स्थानीय नेता अपना जेब भरने में लगे है तो वहीं कंपनी से प्रभावित ग्रामीण व मजदूरों का हक हड़प रहे हैं।
नेताओं के इशारे पर चल रहा काम,बेरोजगारों को नही मिल रहा रोजगार
कुटेश्वर लाइमस्टोन माइन्स से गैरतलाई घंघरौटा जारारोडा के हजारों ग्रामीण प्रभावित हैं जिनकी जमीन पर कंपनी के द्वारा रॉ मटेरियल का खनन कर राजस्व प्राप्त किया जाता है वही लोग रोजगार के लिए यहां-वहां भटक रहे है। ग्रामीण लक्ष्मण प्रजापति,मनीराम प्रजापति,कल्लू साहू ने बताया कि हम लोगों को अभी तक कंपनी से एक रुपए की सहायता व मुआवजा राशि नहीं दी गई और हमारी जमीन पर बेजा खनन मनमाने तरीके से चल रहा है जबकि इसकी शिकायत ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों तक की लेकिन कंपनी प्रबंधन के राजनैतिक रसूख के आगे प्रशासन जांच कार्रवाई करने में असहाय है। ग्रामीणों ने बताया कि हमारी जमीन पर कंपनी के द्वारा खनन किया जाता है जबकि जमीन का लीज हम लोग आज भी दे रहे है और कंपनी से प्रभावित किसी भी परिवार को नौकरी नहीं दी गई, ना ही स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा नेताओं के इशारों पर बाहरी व दलालों को नौकरी पर रखा गया है यहां के पढ़े-लिखे लोग रोजगार के लिए भटक रहे है वहीं स्थानीय रहवासी व कंपनी से प्रभावित लोग रोजगार के लिए परेशान है।
कंपनी के गोद लिए पोषित गांव आज भी कुपोषित
विजयराघवगढ जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत तिमुआ की पोषित बस्ती कुनिया को कुटेश्वर लाइमस्टोन माइंस प्रबंधन की ओर से गोद लिया गया है जहां पर मूलभूत सुविधा देने की बात कही गई थी लेकिन आज कोई काम नही किया गया यह गांव आज भी कुपोषित है। गांव के सरपंच तीरथ पटेल ने बताया कि कंपनी प्रबंधन की ओर से लगभग 1 दशक पूर्व कुनिया पोषित बस्ती को कंपनी प्रबंधन ने गोद लिया था आज दिनांक तक यहां किसी भी तरह के कोई काम नही किया गया जबकि प्रभावित बस्ती में जर्जर स्कूल की मरम्मत कराने सहित अनेक काम का प्रस्ताव रखा था लेकिन कंपनी प्रबंधन की ओर से अनदेखा कर दिया गया कंपनी के जिम्मेदार के द्वारा विकास कार्य के नाम पर सिर्फ और सिर्फ आश्वासन दिया गया है यहां अभी तक किसी भी तरह की कोई ठोस काम नही किया गया। यहां गरीब घर के बच्चे अच्छी स्कूल व खेलकूद मैदान सड़क पानी लाइट सहित अन्य मूलभूत सुविधा को तरस रहे है कंपनी की तरफ से गांव के विकास कार्य के लिए अभी कोई सहायता नही मिली।