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पटना में बने बिहार के पहले लक्ष्मण झूला का सीएम ने किया उद्घाटन

समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश

पटना/ बिहार की राजधानी पटना अब ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान के साथ आधुनिकता का भी प्रतीक बनने जा रही है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पुनपुन नदी पर बने राज्य के पहले लक्ष्मण झूला का उद्घाटन किया और इसे जनता को समर्पित किया। यह सस्पेंशन ब्रिज न केवल तकनीकी दृष्टि से खास है, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण साबित होगा। मार्च 2019 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस पुल का शिलान्यास किया था। उस समय इसकी अनुमानित लागत 46.77 करोड़ रुपये थी। लेकिन समय और निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों के कारण इसकी लागत बढ़कर 82.99 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। करीब छह वर्षों के लंबे इंतजार के बाद यह पुल पूरी तरह तैयार हुआ है। यह लक्ष्मण झूला कुल 320 से 325 मीटर लंबा और 11.5 मीटर चौड़ा है। पुल में 18 मजबूत केबल लगाए गए हैं जो इसे अतिरिक्त सुरक्षा और मजबूती प्रदान करते हैं। सस्पेंशन डेक की लंबाई 120 मीटर है, जबकि वाया डक्ट 200 मीटर लंबा है। इसके अलावा 135 मीटर लंबा संपर्क पथ भी तैयार किया गया है ताकि लोगों को सुगम आवाजाही मिल सके। पुल के दोनों ओर 115 मीटर लंबे पहुंच मार्ग बनाए गए हैं। पायलॉन की ऊंचाई करीब 100 फीट (30.48 मीटर) है, जो दूर से ही आकर्षक दिखाई देता है। पुनपुन नदी किनारे हर साल सितंबर महीने में पितृपक्ष मेले का आयोजन होता है। इस मेले में देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु अपने पूर्वजों का पितृ तर्पण करने आते हैं। अब इस लक्ष्मण झूले के शुरू होने से श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ जाएगी। पुल से मेले में आने-जाने वाले लोगों को काफी राहत मिलेगी और यातायात की समस्या भी कम होगी। जिलाधिकारी ने जून 2025 में इस पुल का निरीक्षण किया था और इसे पितृपक्ष मेले से पहले हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया था। समय पर इसका निर्माण पूरा होना प्रशासन की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि यह पुल सिर्फ एक ढांचागत परियोजना नहीं है, बल्कि यह जनता की आकांक्षाओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “हमने हमेशा प्रयास किया है कि राज्य की जनता को बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिलें। यह लक्ष्मण झूला श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए बहुत मददगार साबित होगा।”मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आने वाले समय में सरकार ऐसे और भी प्रोजेक्ट्स पर काम करेगी, जिससे न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। पुल का उद्घाटन होते ही स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं का कहना है कि अब उन्हें नदी पार करने के लिए वैकल्पिक साधनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यह पुल आने-जाने में समय और ऊर्जा दोनों की बचत करेगा। मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को संभालने में भी यह काफी मददगार साबित होगा। बिहार का पहला लक्ष्मण झूला न केवल तकनीकी उपलब्धि है, बल्कि यह धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। 83 करोड़ की लागत से बना यह सस्पेंशन ब्रिज अब पटना और पुनपुन क्षेत्र के लिए विकास की नई राह खोलेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रयास से यह पुल समय पर पूरा हुआ और अब यह श्रद्धालुओं और आम जनता के लिए सुविधा का नया अध्याय जोड़ने जा रहा है


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