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पटना में जिउतिया के दौरान स्नान करने गयी एक बच्ची तथा तीन महिलाएं डूबी

समाज जागरण संवाददाता:- वेद प्रकाश
पटना/ बिहार की राजधानी पटना से सटे बिहटा थाना क्षेत्र के अमनाबाद हलकोरिया चक गांव स्थित सोन नदी के घाट पर बुधवार की शाम जितिया पर्व पर सोन नदी में नहाने गयी मां के साथ 14 वर्षीय बच्ची की डूबकर मौत हो गयी। वहीं पास में नहा रही गांव के ही एक महिला तथा दो युवतियां उसे बचाने के लिए नदी के तेज धारा में छलांग लगा दी। लेकिन तेज धारा होने के कारण बच्ची समेत चारो लोग डूब गये। डूबने की खबर मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। इसके साथ ही नदी के किनारे लोगो का भारी भीड़ जमा हो गयी। किसी तरह से गांव के लोगों ने नदी में छलांग लगा कर कड़ी मशक्कत के बाद उसे निकाल कर गांव के ही निजी अस्पताल में ले गये लेकिन डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की सूचना मिलते ही मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक की पहचान थाना क्षेत्र के हलखोरिया चक गांव निवासी शिवनारायण राय की 14 वर्षीय पुत्री अंजली कुमारी के रूप में हुई है। वहीं अन्य लापता लोगों में थाना क्षेत्र के अमनाबदा निवासी स्व प्रभु राय की 50 वर्षीय पत्नी ललिता देव ,संभू राय की 18 वर्षीय पुत्री सोनी कुमारी, सुकूल राय की 17 वर्षीय पुत्री तरेगनी कुमारी दोनों हलखोरिया चक गांव की निवासी हैं। एक साथ चार लोगों की मौत से गांव में मातम पसर गया। जितिया पर्व के दिन हुई एक बड़ी घटना से लोगों ने भगवान को कोसने लगे कि आखिर मासूमों का क्या कसूर था जो भगवान ने छीन लिया। एक तरफ मां अपने बच्चो की सही सलामत के लिए निर्जला व्रत रखी हुई थी तो दूसरी तरफ उनकी बच्चों की मौत हो गयी।
इस घटना ने पूरे गांव के लोगों को झकझोर दिया। यहां तक कि किसी के घरों में चूल्हा नहीं जला। सभी लोगों के आंखे नम थी। वहीं घटना के सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने एनडीआरएफ तथा एसडीआरएफ की टीमों की मदद से लापता लोगों की तलाश में जुट गयी है। वहीं मृतक के शव को जब्त कर पोस्टमार्ट के लिए अनुमंडलीय अस्पताल भेज दी गयी है। मां के सामने कलेजे का टुकड़ा मासूम डूब गई चाह कर भी मां बेटी को नहीं बचा सकी। दरअसल अंजली कुमारी की मां जितिया पर्व रखी हुई थी। शाम के समय गांव के पास ही सोन नदी में स्नान करने गयी थी। मां के साथ मासूम बच्ची भी पीछे-पीछे चली गयी।बएक तरफ मां नदी से स्नान कर पूजा पाठ कर रही थी। जबकि दूसरी तरफ मासूम बेटी नदी में स्नान कर रही थी। जो स्नान करते हुए अचानक गड्ढे में चल गयी व जोर जोर से चिल्लाने लगी। बच्ची को डूबते हुए देखकर मां उसे बचाने के लिए चिल्लाने लगी। इस दौरान नदी पर स्नान कर रही अमनाबाद गांव की निवासी ललिता देवी अपनी जान के प्रवाह किए बैगर नदी में उसे बचाने के लिए कूद पड़ी। लेकिन नदी की तेज धारा में वह अपने आप को नहीं संभाल सकी। उसे डूबते हुए देखकर हलखोरिया चक की निवासी तरेगनी कुमारी व सोनी कुमारी महिला और बच्ची को बचाने के लिए कूद पड़ी। लेकिन तेज धारा में वह भी एक-एक कर डूब गयी।


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