google-site-verification: google2b21991adbe5cec3.html

महायज्ञ के सातवें दिन उमड़ पड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

राम वनवास का करुण प्रसंग सुनकर द्रवित हो गये श्रोता

संवाददाता आनन्द कुमार।
दैनिक समाज जागरण

दुद्धी/ सोनभद्र। जनपद के विंढमगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत जोरुखाड़ ग्राम पंचायत में मलिया नदी के किनारे स्थित गुलर घाट पर चल रहे नौ दिवसीय श्री रामचरित मानस नवाह परायण महायज्ञ में सातवें दिन रविवार को परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। यज्ञाचार्य पंडित तेजभान त्रिपाठी एवं सह आचार्य पंडित अमन शास्त्री ने वेदमंत्रों की ध्वनि के साथ विधिपूर्वक वैदिक अनुष्ठान कर हवन कुंड में आहुतियां दी। कथावाचक पंडित विवेकानंद जी महाराज ने राम वनवास की भावविभोर कथा से कथा श्रोताओं को द्रवित कर दिया। महाराज जी ने कहा कि रामचंद्र जी सहित चारों भाइयों के विवाह के बाद अयोध्या में चारों ओर खुशियां छा गयीं हैं। राजा दशरथ अपनी राजसभा में बुद्धिमान मंत्रियों से परामर्श कर गुरु वशिष्ठ से रामचंद्र जी को राजपद देने का विनम्र आग्रह करते हैं। राम जी के राज्याभिषेक की तैयारियां देखकर देवता चिंता में पड़ गए। देवतागण सोचते हैं कि यदि रामचंद्र जी राक्षसों का संहार किये बिना सिंहासनारूढ़ हो जाएंगे तो उनके अवतार का प्रयोजन सिद्ध नहीं होगा। उन्होंने ज्ञान व बुद्धि की देवी सरस्वती से कोई कुचक्र रचने की गुहार लगाई। देवताओं की प्रार्थना सुन देवी सरस्वती ने कैकेयी की प्रिय दासी मंथरा का बुद्धि फेर दिया। सौतिया डाह के ढेरों उदाहरण और अपनी कुचक्र चाल से उसने कैकेयी को समझाया और राजा द्वारा पूर्व में दिये गये दो वचनों को मांगने के लिए उकसाया। कैकेयी ने राजा दशरथ से राम की सौगंध देकर पहला वर पुत्र भरत को राजगद्दी और दूसरा वर रामचन्द्र जी को चौदह वर्ष का वनवास मांग लिया। राज्याभिषेक के तैयारियों के बीच राम सहर्ष वन जाने की आज्ञा स्वीकार कर लेते हैं। राम, सीता व लक्ष्मण के वन जाते ही दशरथ ने पुत्र प्रेम में अपने प्राणों का उत्सर्ग कर दिया। यज्ञाधीश स्वामी रामानंद जी महाराज ने बताया कि बारह फरवरी को यज्ञ की पूर्णाहुति पर विशाल भंडारा का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान यज्ञ समिति के संरक्षक दिनेश यादव, दसंई यादव, अध्यक्ष भगवानदास गोंड़, इन्द्रदेव यादव, राजेश गोंड़, गुड्डू भगत, पप्पू यादव, मुकेश गुप्ता, मुरली गुप्ता, सूरज देव, सूरज पनिका,अशोक यादव आदि उपस्थित रहे।


Discover more from समाज जागरण

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

🛍️ Today’s Best Deals

(Advertisement)