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आदिगुरु शंकराचार्य जी के जन्मदिवस पखवाड़े पर व्यख्यानमाला का हुआ आयोजन

एकात्म पर्व के रूप में जन अभियान परिषद ने किया आयोजन
पुष्पराजगढ़
13 मई 2025 आदि गुरू शंकराचार्य जीवन एवं दर्शन व्‍याख्‍यानमाला का आयोजन जन अभियान परिषद विकासखंड पुष्पराजगढ़ द्वारा शासकीय महाविद्यालय पुष्पराजगढ़ में किया गया।
आदि गुरू शंकराचार्य जी की जंयति प्रतिवर्ष वैशाख मास के शुक्‍ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है । जिसके अंतर्गत व्‍याख्‍यानमाला पखवाडें का आयोजन किया जा रहा है।, म.प्र. जन अभियान परिषद विकासखण्‍ड पुष्पराजगढ़ द्वारा एकात्‍म पर्व, शंकर जीवन दर्शन पर व्‍याख्‍यानमाला का आयोजन भाजपा जिला अध्यक्ष हीरा सिंह श्याम के मुख्य आतिथ्य मे किया गया। सर्वप्रथम आदि गुरु शंकराचार्य के चित्र पर माल्‍यापर्ण एवं दीप प्रज्‍जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय अमरकंटक के प्रोफेसर डॉ राकेश सोनी जी की गरिमामय उपस्थित के शाथ महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉक्टर डीपी शार्मे, भाजपा नेता नरेश मिश्रा, सौरभ श्याम जन अभियान परिषद के ब्लॉक समन्वयक फत्ते सिंह परामर्शदाता रमेश तिवारी राममनोहर सिंह प्रीति सिंह उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हीरा सिंह श्याम ने आदि गुरु शंकराचार्य के अद्वैत मत के संदर्भ में आचार्य शंकर के जीवन वृत्‍त एवं वर्तमान जीवन में सनातन धर्म को अपनाने कर अपनी संस्‍कृति सभ्‍यता को विश्‍व में प्रथम स्‍थान पर रख जीवन को सफल बनाने कें लिए मार्गदर्शन दिया उन्‍होने कहा कि हिंदू धर्म के प्रचार-प्रसार में सबसे बड़ी भूमिका आदि शंकारचार्य जी की मानी जाती है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ राकेश सोनी ने आदि गुरु शंकराचार्य जी की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आदि शंकराचार्य जी ने सनातन परंपरा को एक सूत्र से जोड़कर रखने के लिए देश के चार धामों में मठों की स्थापना की, कहते हैं कि महज 8 साल की उम्र में इन्हें वेदों का ज्ञान प्राप्त हो गया था एवं शंकराचार्य जी ने 32 वर्ष की आयु में समाधि ली। गुरु शंकराचार्य भारतीय गुरु और दार्शनिक थे, उनका जन्म केरल के कालपी नामक स्थान पर हुआ था। आद्य शंकराचार्य को भगवान शिव अवतार के रूप मे माना जाता है। आदि गुरु शंकराचार्य ने अद्वैत वेदांत के दर्शन का विस्तार किया। उन्होंने उपनिषदों, भगवद गीता और ब्रह्मसूत्रों के प्राथमिक सिद्धांतों जैसे हिंदू धर्मग्रंथों की व्याख्या एवं पुनर्व्याख्या की। कार्यक्रम का संचालन परामर्शदाता बब्बू चंद्रवंशी ने व आभार अमन त्रिवेदी परामर्शदाता के द्वारा किया गया। आयोजन में सीएमसएलडीपी परामर्शदाता, विद्यार्थी, समाजसेवी, प्रस्‍फुटन व नवांकुर संस्‍था सदस्‍य, सामाजिक कार्यकर्ताओ, ने सहभगिता कर कार्यक्रम में अपना योगदान दिया।


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