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बाल गृह बालिका का अपर जनपद न्यायाधीश/प्राधिकरण सचिव ने किया निरीक्षण

खानपान, स्वच्छता, अनुशासन पर जताया संतोष, पत्रावलियां का निरीक्षण कर दिया निर्देश।

अभय कुमार पटेल/ समाज जागरण

सोनभद्र। अपर जनपद न्यायाधीश, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र शैलेंद्र यादव ने गुरुवार 21 अगस्त 2025 को पूर्वासी ग्रामीण उत्थान विकास सेवा समिति द्वारा संचालित बाल गृह (बालिका) इंद्रपुरी कॉलोनी राबर्ट्सगंज सोनभद्र का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कुल 36 बालिकाएं आवासित पायी गई, जिसमें क्रमशः सोनभद्र की 22, मिर्जापुर की 10, शाहजहांपुर की एक भदोही की तीन बालिकाएं हैं। निरीक्षण के समय बाल गृह (बालिका) की अधीक्षिका श्रीमती नीलम सिंह एवं समस्त स्टाफ उपस्थित रहे बाल गृह बालिका में अपेक्षित साफ सफाई पाई गई। बालिकाओं को मीनू के अनुसार नाश्ता, भोजन आदि दिया जा रहा है।
श्री यादव ने बालिकाओं को नैतिक व्यापार निवारण अधिनियम 1956, घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम 2005, दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961, गर्भ का चिकित्सकीय समापन, मातृत्व लाभ 26 सप्ताह तक, कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न रोकथाम निषेध और निवारण, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण, गर्भधारण एवं प्रसव पूर्ण निदान तकनीकी, लिंग चयन प्रतिशेध, समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976, महिलाओं का अशिष्ट चित्रण निषेध अधिनियम 1966, हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 1956 एवं सेक्स सिलेक्शन डिक्लिन इन चाइल्ड सेक्स रेश्यो अंडर पीसीपीएनडीटी एक्ट की जानकारी देकर उन्हें जागरूक किया।
यह जानकारी देते हुए अपार जनपद न्यायाधीश सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र ने खानपान, स्वच्छता, अनुशासन पर जताया संतोष, पत्रावलियां का निरीक्षण कर दिया निर्देश। यादव ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार एवं जनपद में न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रामसुलिन सिंह के आदेश अनुसार यह निरीक्षण किया गया क्या जानकारी अपार जनपद न्यायाधीश सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र शैलेंद्र यादव ने दी


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