वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
25 मई। ठाकुरगंज नगर पंचायत में विगत 6 माह के भीतर नाला एवं सड़क निर्माण कार्यों में व्यापक भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। ठाकुरगंज नगर पंचायत के पूर्व मुख्य पार्षद प्रमोद कुमार चौधरी ने नगर विकास एवं आवास विभाग से इन कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
श्री चौधरी का कहना है कि विभागीय स्तर से बिना टेंडर के करोड़ों की लागत से नगर पंचायत के वार्ड संख्या 01 से 12 तक सड़क और नाला निर्माण कार्य कराए गए हैं, जिनमें गुणवत्ता मानकों की घोर अनदेखी की गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्यों में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा स्वीकृत सामग्री के बजाय स्थानीय स्तर की घटिया गिट्टी, रेत और सीमेंट का उपयोग किया गया, जिससे कई सड़कों की हालत निर्माण के कुछ ही दिनों बाद खराब हो गई है।
इसके अतिरिक्त, सड़क की मोटाई भी स्वीकृत मानकों के अनुसार नहीं है। जहां न्यूनतम मोटाई 6 से 8 इंच होनी चाहिए थी, वहां 4 से 5 इंच या उससे भी कम की ढलाई की गई है। साथ ही, सड़कों की लंबाई और चौड़ाई में भी प्राक्कलन और वास्तविक निर्माण के बीच भारी अंतर देखा गया है।
पूर्व पार्षद ने यह भी आरोप लगाया कि कार्यों के दौरान किसी तकनीकी अधिकारी द्वारा समुचित निगरानी नहीं की गई, न ही गुणवत्ता परीक्षण की कोई व्यवस्था थी, जिससे विभागीय मिलीभगत की आशंका और भी प्रबल होती है।
उन्होंने मांग की है कि इन निर्माण कार्यों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तकनीकी जांच राज्य स्तरीय अधिकृत एजेंसी या विशेषज्ञ टीम द्वारा कराई जाए। साथ ही, दोषी अधिकारियों, संवेदकों और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों पर सख्त कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाए तथा जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
श्री चौधरी ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कोई ठोस और पारदर्शी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे इस विषय में माननीय उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करेंगे।
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