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आजादी के 80 साल बाद भी अमीरपुर में विकास का इंतजार, पुल-सड़क नहीं बनने से ग्रामीणों में आक्रोश

बरसात में गांव का संपर्क प्रभावित, कई बार आवेदन के बावजूद नहीं हुआ निर्माण; ग्रामीणों ने कहा—अब आश्वासन नहीं, धरातल पर चाहिए काम

वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो

टेढ़ागाछ (किशनगंज)। बिहार के किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत धवेली पंचायत के वार्ड संख्या 08 स्थित अमीरपुर गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं की बाट जोह रहा है। गांव में आरसीसी पुल और पक्की सड़क का निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के दशकों बाद भी उनके गांव तक बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच पाई हैं। इससे विकास के दावों और जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक, बरसात के मौसम में गांव की स्थिति और भी खराब हो जाती है। कच्ची सड़क पर कीचड़ और जलजमाव के कारण आवागमन प्रभावित होता है। स्कूली बच्चों को विद्यालय आने-जाने में कठिनाई होती है, जबकि बुजुर्गों और मरीजों को भी काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। किसानों के लिए अपनी उपज बाजार तक पहुंचाना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क और पुल के अभाव में उनकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।

कई बार आवेदन, फिर भी नहीं बदली गांव की तस्वीर

ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क और पुल निर्माण की मांग को लेकर सांसद, विधायक और जिला प्रशासन को कई बार आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है। लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान विकास के वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद उनकी समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाता।

ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब लंबे समय से गांव में सड़क और पुल निर्माण की मांग की जा रही है, तो अब तक इस दिशा में ठोस पहल क्यों नहीं हुई। उनका कहना है कि केवल आश्वासन देने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि निर्माण कार्य शुरू कराना जरूरी है।

मुखिया ने जताई नाराजगी, आंदोलन की चेतावनी

धवेली पंचायत के मुखिया उमेश कुमार यादव ने बताया कि अमीरपुर गांव में सड़क और पुल की समस्या काफी पुरानी है। इस संबंध में संबंधित विभाग और जिला प्रशासन को कई बार अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए समस्या का जल्द समाधान होना चाहिए। यदि निर्माण कार्य की दिशा में शीघ्र पहल नहीं की गई, तो ग्रामीण आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

जनप्रतिनिधियों ने भी उठाई निर्माण की मांग

अमीरपुर गांव में आरसीसी पुल और पक्की सड़क निर्माण की मांग को पूर्व मुखिया निजामुद्दीन, एआईएमआईएम के प्रखंड अध्यक्ष राहत हुसैन, कांग्रेस के प्रखंड अध्यक्ष नफीस हैदर और पूर्व प्रमुख तरन्नुम नाज ने भी समर्थन दिया है।

इन जनप्रतिनिधियों ने संबंधित विभाग से गांव की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की। उनका कहना है कि ग्रामीणों को अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर विकास कार्य दिखाई देना चाहिए।

स्थल जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा

इस मामले में कनीय अभियंता जितेंद्र कुमार ने बताया कि आवेदन प्राप्त हुआ है। जल्द ही स्थल जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि, ग्रामीणों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि स्थल जांच कब पूरी होगी और सड़क व पुल निर्माण का काम कब शुरू होगा। गांव के लोगों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग इस बार उनकी समस्या का स्थायी समाधान निकालने की दिशा में ठोस कदम उठाएगा।

अमीरपुर के ग्रामीणों की मांग स्पष्ट है—गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने वाली बेहतर सड़क और सुरक्षित पुल का निर्माण जल्द कराया जाए, ताकि बरसात के मौसम में आवागमन बाधित न हो और बच्चों, मरीजों, किसानों सहित सभी ग्रामीणों को राहत मिल सके।


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