आनंदिता मिश्रा खुशी के ठिकाने नहीं रख पा रही हैं, रेलवे स्टेशन पर आम लोगों की ओर से स्वागत की लहर।
———————————— असम में पहली बार ऐसा कार्यक्रम आयोजित हुआ ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में 12 जिलों से 25 विद्यार्थी भाग ले रहे थे, जिनमें बराक वैली से तीन विद्यार्थियों को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ विचार-विमर्श करने का अवसर मिला। श्रीभूमि जिले के दुल्लभछड़ा चरगोला वैली पब्लिक हाईयर सेकेंडरी स्कूल की नौवीं कक्षा की छात्रा आनंदिता मिश्रा ने 21 दिसंबर को चराईदेव के ब्रह्मपुत्र में जहाज पर ‘एक कार्यक्रम का परीक्षण चर्चा’ में भाग लेकर प्रधानमंत्री से बात की और प्रसन्न महसूस किया। जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री ने उक्त परीक्षार्थियों के साथ 40 मिनट तक विचार-विमर्श किया, लेकिन विचार-विमर्श के विषयों को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है, ऐसा निर्देश दिया गया है। उल्लेखनीय है कि 22 दिसंबर को दुल्लभछड़ा के समीपवर्ती पश्चिम कृष्णनगर गांव निवासी अशुतोष मिश्रा और सुषमा मिश्रा की कन्या आनंदिता मिश्रा के आने की खबर मिलते ही श्रीभूमि जिले के दुल्लभछड़ा के निकटवर्ती गांवों, पश्चिम कृष्णनगर सहित विभिन्न क्षेत्रों से समुदाय की महिलाएं और पुरुष विभिन्न सामग्री लाकर और आतिशबाजी करके दुल्लभछड़ा रेलवे स्टेशन पर स्वागत करते हैं। इस बीच आनंदिता मिश्र अपने व्यक्तिगत अनुभव से कहती हैं कि उन्हें यह सोचने का मौका भी नहीं था कि प्रधानमंत्री के साथ बैठने का अवसर मिलेगा, जिस पर उन्हें गर्व महसूस हो रहा है। इसके अलावा स्कूल प्रमुख देवाशीष सिन्हा, जिले के स्कूल इंस्पेक्टर निलम ज्याती दास और कालिगंज एच.एस. स्कूल की शिक्षिका गोपा सेन ने मार्गदर्शन के लिए उनकी प्रशंसा की और कहा कि जीवन में पहली बार वे पांच दिन अपने घर से बाहर रही। लेकिन उनके मार्गदर्शक के स्नेहपूर्ण प्यार के कारण उन्हें घर के बाहर रहने का एहसास तक नहीं हुआ, जो उनके जीवन में हमेशा यादगार रहेगा। इस पर लोकप्रिय विधायक विजय मालाकार ने विभिन्न तरीकों से सहयोग के लिए उनकी सराहना की। स्वागत समारोह में प्रधान शिक्षिका सुचेता रानी मिश्र, अजय चाटार्जी, वार्ड सदस्य श्याम कुमार सिन्हा, समाजसेवी विनय सिंह बाबली राजवंशी सहित विष्णुप्रिया मणिपुरी महासभा की हिंगला क्षेत्रीय समिति की संपादिका कृष्णा सिंह सहित अन्य प्रतिष्ठित व्यक्ति समिति के सदस्य उपस्थित थे। वहीं आनंदिता मिश्रा दूल्लभछड़ा ट्रेन से उतरने के बाद इस गौरवपूर्ण और अंतिम क्षण में श्रीभूमि जिले और क्षेत्र के नाम उज्जवल होने पर स्थानीय लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।



