अनूपपुर जिला मुख्यालय सहित पूरे जिले में ज्येष्ठ मास की अमावस्या पर बृहस्पतिवार को वट सावित्री व्रत रखकर सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की दीर्घायु के लिए कामना की। सुहागिन महिलाएं शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित वट वृक्ष के नीचे एकत्रित हुईं। इसके बाद विधिवत पूजा किया। सबसे पहले वट वृक्ष को हल्दी का लेप लगाया। फिर पीला धागा को लपेटते हुए सात बार परिक्रमा की। इसके बाद जल अर्पण किया। पूजन के बाद महिलाओं ने व्रत को खोला। मान्यता के अनुसार वट सावित्री व्रत को रखने से परिवार के लोगों को सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है और वैवाहिक जीवन में खुशियां आती हैं। बहुत से लोग ये भी मानते हैं कि इस व्रत का महत्व करवा चौथ के जितना होता है। वट वृक्ष का पूजा करने के लिए सुहागिन महिलाएं शहर के जिला सत्र न्यायालय परिसर के अंदर , इंदिरा तिराहा स्थित और शकर मंदिर के पास सामने वट वृक्ष के नीचे जुटीं। इसी तरह अन्य जगहो पर भी महिलाओं का जमावड़ा लगा और पूजा अर्चना संपन्न की गई।
इस दिन पूजा-पाठ, दान, व्रत आदि का कई गुना फल मिलता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार ज्येष्ठ महीने के कृष्ण पक्ष की अमावस्या के दिन ही बरगद के नीचे सावित्री ने अपने पति सत्यवान के प्राणों की रक्षा यमराज से की थी।
Discover more from समाज जागरण
Subscribe to get the latest posts sent to your email.



