बरेली।उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में गला घोंटकर महिलाओं की हत्या करने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।जिले में इन दिनों अजीब डर का माहौल है। महिलाएं दिन में भी घर से निकलने में डर रही हैं। सबके दिलोदिमाग में खौफ है कि कहीं कोई उनकी हत्या न कर दे।अब नया मामला जिले के शीशगढ़ थाना क्षेत्र से सामने आया है। यहां खेत से चारा लेकर लौट रही एक और महिला की साड़ी से गला घोंटकर हत्या कर दी गई। हैरानी की बात यह कि इन सभी की हत्या एक तरह के पैटर्न पर हुई है। पुलिस ने बताया कि पांच महीने में महिलाओं की समान तरीके से हत्या करने की यह नौवीं घटना है। बरेली जिले के शीशगढ़ और शाही आदि थाना क्षेत्रों में पांच माह के भीतर अधेड़ उम्र की महिलाओं की साड़ी और चुनरी से गला घोंटकर हत्या करने की एक के बाद एक लगभग घटनाएं सामने आई हैं।
*9वीं महिला की मौत,खेत में पड़ी मिली लाश*
मिली जानकारी के अनुसार एक ही प्रवृत्ति की कई घटनाओं को चुनौती के रूप में लेते हुए पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है।मामलों के राजफाश के लिए दो विशेष टीम का गठन किया गया है।शीशगढ़ थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव की 55 वर्षीय उर्मिला देवी गंगवार रविवार दोपहर ढाई बजे घर से पशुओं का चारा लाने के लिए खेत गई थीं। काफी देर बाद भी जब उर्मिला घर नहीं लौटीं तो शाम के समय उर्मिला की तलाश शुरू की गई।काफी देर तलाश के बाद गांव से 400 मीटर की दूरी पर एक खेत के करीब उनके पति वेद प्रकाश गंगवार को उर्मिला का शव मिला। उर्मिला के गले में साड़ी का फंदा कसा हुआ था और उसकी जीभ बाहर निकली हुई थी तथा उसके सिर के पीछे चोट के निशान थे। पुलिस ने सूचना मिलने के बाद विधिक कार्रवाई शुरू कर दी।
*इन महिलाओं की हुई हत्या*
सूत्रों के मुताबिक शीशगढ़ थाना क्षेत्र के लखीमपुर गांव की महमूद कुल्चा गांव की धनवती, सेवा ज्वालापुर की वीरावती, खजुरिया निवासी कुसमा देवी, शाही के मुबारकपुर गांव की शांति देवी, आनंदपुर की प्रेमवती, मीरगंज थाना क्षेत्र के गांव गुला की रेशमा देवी और शाही के गांव खरसेनी की दुलारी देवी की पांच महीने के भीतर जान जा चुकी है और इनमें से अधिकांश महिलाओं की मौत गला घोंटे जाने के कारण हुई थी।
*जांच के लिए 2 विशेष टीमें गठित*
बरेली परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक डॉक्टर राकेश सिंह ने पूरे घटनाक्रम का संज्ञान लिया है।सिंह ने बताया कि सभी 9 घटनाओं में काफी समानताएं हैं।ऐसे में घटनास्थलों का निरीक्षण करने के साथ-साथ जिन-जिन गांवों में घटना हुई है, उसके साथ आस पास के ग्राम प्रधानों और संभ्रांत व्यक्तियों के साथ बैठक की जाएगी। सिंह ने बताया कि दो विशेष टीम अलग-अलग गठित की गई हैं। एक टीम सीधे तौर पर काम करेगी, जबकि दूसरी टीम प्रधानों एवं संभ्रांत व्यक्तियों से मिले इनपुट के आधार पर काम करेगी।गांव में सादे कपड़े में पुलिसकर्मियों की सक्रियता बढ़ाई जाएगी और इन घटनाओं को चुनौती के रूप में लिया गया है।

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