
ऋतुराज तिवारी बिन्दू, दैनिक समाज जागरण
रेवती (बलिया) : नगर के उत्तर टोला स्थित भव्य दुर्गा मंदिर के प्रांगण में श्रद्धालु भक्तों का रेला भोर की पहली किरण से पूर्व ही पूजन अर्चन में लीन हो जा रहा है। जो देर रात्रि तक जारी रहता है। वैसे तो प्रतिदिन भक्तों का जमावड़ा मां के दरबार में होता है लेकिन नवरात्र में मंदिर पर भक्तों का मानों जनसैलाब उमड़ पड़ता है।
मान्यता यह है कि जो भी मां के दरबार में सच्चे मन से अपना शीश झुकाता है। माता रानी उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। मां दुर्गा के बारे में बताया जाता है कि शक्तिस्वरूपा माताजी चौहान (क्षत्रिय) परिवार की कुलदेवी हैं । रेवती उत्तर टोला निवासी चौहान परिवार नीम का थाना राजस्थान से मैनपुरी तथा वहां से सहतवार थाना क्षेत्र के पंचदेवी में आकर बस गया । पचदेवी में पंचदेवी के रूप में चौहान परिवार की कुलदेवी मौजूद है। सैकड़ों वर्ष पूर्व जब चौहान परिवार पंचदेवी से रेवती आया तो अपनी कुलदेवी की स्थापना पिंडी के रूप में यही किये। आज जहां मां का भव्य मंदिर स्थित है। वहां एक विशाल वटवृक्ष के नीचे मां का प्रतीकात्मक मंदिर था। मन्दिर समिति के महामंत्री पुष्पराज तिवारी”पप्पू” ने बताया कि सन् 2012 से माता रानी के भव्य मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू हुआ। जो 2017 में शिव शक्ति महायज्ञ व माता रानी के अद्वितीय मंदिर में प्रतिमा स्थापना के साथ संपन्न हुआ। मंदिर प्रांगण में में राधा -कृष्ण, राम -जानकी, हनुमान, मां सरस्वती, भगवान सूर्य, भगवान ब्रह्मा, तथा शिव परिवार की प्रतिमायें स्थापित है। मां की ममतामयी रूप का दर्शन कर श्रद्धालु भक्त अपने आप को धन्य समझते हैं।
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