तहसील से लेकर गांव तक दिखा शोक का माहौल,लोगों ने नम आंखों से दी विदाई
पिंडरा तहसील में जुलूस निकालकर आरोपित को फांसी देने की मांग
समाज जागरण धनंजय मोदनवाल
पिंडरा।
पिंडरा तहसील के वकीलों ने साथी के पुत्र की हत्या से काफी आक्रोशित दिखे और जुलूस निकाल कर आक्रोश जताया। वही हेमंत का शव गांव पहुचते ही लोगो ने शव को सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया। वही श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लग गया। सैकड़ो की संख्या में जुटे ग्रामीणों में गुस्सा दिखा।
पिंडरा तहसील बार एसोसिएशन की बैठक लाइब्रेरी भवन में हुई। जिसमें अधिवक्ता पुत्र की गोली मारकर हत्या करने के निंदा करते हुए आरोपितों के फांसी देने की मांग की गई। ततपश्चात बार एसोसिएशन के बैनर तले जुटे वकील जुलूस के रूप में एसडीएम कार्यालय पहुचे और प्रदेश मुख्यमंत्री को सम्बोधित पत्रक में मृतक के परिजनों को एक करोड़ की मुआवजा राशि देने,आरोपितों के बचाव करने वाले दरोगा के खिलाफ कार्रवाई करने तथा आरोपितों को तत्काल फांसी देने की मांग की। हत्या के विरोध में वकील न्यायिक कार्य से विरत रहे।
इस दौरान बार अध्यक्ष कृपाशंकर पटेल, महामंत्री सुधीर कुमार सिंह, पूर्व अध्यक्ष शिवपूजन सिंह, जवाहरलाल वर्मा, प्रितराज माथुर, श्याम शंकर सिंह, अंकित मिश्रा, रामभरत यादव, संजय दुबे, आशुतोष सिंह, सतीश पांडेय, अमर सिंह, नवीन सिंह, राजू सिंह, आलोक दूबे, श्याम मोहन उपाध्याय, दीपक सैनी, अजय गुप्ता, छोटेलाल, राजेश पटेल, , कृष्ण कुमार चौहान समेत अनेक अधिवक्ता रहे।
वही सायँ साढ़े 5 बजे के लगभग शव के गांव पहुचते ही कोहराम मच गया। शव को ग्रामीण भोजूबीर – सिंधोरा मार्ग पर मरुई चौराहे पर रखकर चक्का जाम कर दिया। 15 मिनट तक चक्का जाम के दौरान मृतक के पिता व परिजन चक्का जाम कर रहे लोगों को समझा कर जाम समाप्त कराया। वही परिवार को रोते बिलखते देख लोगो के आंखों में आंसू आ जा रहे थे। भाई व बहन पछाड़े मारकर रो रहे थे। माता आशा देवी तो रोते रोते बेहोश हो जा रही थी। पिता गुमसुम पुत्र को निहारते रहे। जिन्हें लोग ढाढ़स बांधते दिखे। अंतिम शव यात्रा में दर्ज़नो अधिवक्ता, जनप्रतिनिधि और सैकड़ो की संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। अंतिम संस्कार मणिकर्णिका घाट पर हुई। मुखाग्नि पिता कैलाश वर्मा ने दी।
Discover more from समाज जागरण
Subscribe to get the latest posts sent to your email.



