बीएसटीएफ के महासचिव डॉ. सुधांशु शेखर ने कुलसचिव को
सौंपा स्मार पत्र
पूर्णिया विश्वविद्यालय, पूर्णिया में भी बीपीएससी बैच के सभी शिक्षकों को सीनियर स्केल में प्रोन्नति दे दी गई है और पांच अप्रैल, 2024 को इसकी अधिसूचना भी जारी हो गई है। ऐसे में बीएनएमयू के शिक्षक अपने आपको ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं और उन्हें यह लग रहा है कि शायद बीएनएमयू में रहते हुए हर कार्य में हमेशा पीछे रहना ही उनकी नियति बनी रहेगी।
मधेपुरा/डा. रूद्र किंकर वर्मा।
भूपेंद्र मंडल विश्वविद्यालय, लालूनगर, मधेपुरा में बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी), पटना की अनुशंसा के आलोक में (वर्ष 2016-2017 बैच में) लगभग 110 असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति वर्ष हुई है। यह बहुसंख्यक शिक्षक वर्ग निरंतर शिक्षण एवं शोध गतिविधियों में सक्रिय है और हमेशा विश्वविद्यालय प्रशासन को रचनात्मक सहयोग करता रहे है। इनमें से कई शिक्षक विश्वविद्यालय में भी विभिन्न दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं। इन शिक्षकों की प्रथम प्रोन्नति की कालावधि (चार वर्ष) 2020-2021 में ही पूरी हो हो चुकी है और विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उसी दौरान हम सबों से प्रोन्नति के लिए विधिवत आवेदन भी लिया गया था। लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इधर, फरवरी 2024 में दुबारा आवेदन जमा कराया गया है, लेकिन इस बार भी कार्य की गति काफी धीमी लग रही है। दुखद पहलू यह भी है कि कोषांग में प्रोफेसर इंचार्ज एवं सदस्य में से एक भी व्यक्ति वैसे नहीं हैं, जिनके पास सिर्फ प्रोन्नति का ही कार्य हो। सभी दोहरे-तीहरे दायित्व वाले लोगों को प्रोन्नति कोषांग में रखा गया है, जो चाहकर भी प्रोन्नति के कार्यों में पूरा समय नहीं दे पा रहे हैं और बिना समय दिए कोई कार्य होगा कैसे?
वैसे यह सही है कि बीच में कुछ दिनों तक प्रोन्नति की प्रक्रिया पर रोक लगी हुई थी। लेकिन उस बीच भी प्रोन्नति कोषांग चाहता, तो सक्रिय होकर कुछ आंतरिक औपचारिकताओं को पूरा कर सकता था, जो नहीं किया गया। सबसे दुखद पहलू यह है कि फरवरी 2023 में ही प्रोन्नति की प्रक्रिया को हरी झंडी मिलने के बावजूद प्रोन्नति कोषांग ने आंतरिक औपचारिकताओं को पूरा करने की ओर ध्यान नहीं दिया।राज्यपाल- सह-कुलाधिपति राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर द्वारा गत दिनों संपन्न हुए अधिषद् की बैठक में भी प्रोन्नति कार्य को ससमय पूरा करने का निदेश दिया गया है। इसके बावजूद कार्य की रफ्तार काफी धीमी है।
यहां यह भी उल्लेखनीय है कि मई 2023 में ही पटना विश्वविद्यालय, पटना में बीपीएससी बैच के शिक्षकों के प्रोन्नति की प्रक्रिया पूरी कर ली और और 21 जून, 2023 को उसकी अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। इधर, पूर्णिया विश्वविद्यालय, पूर्णिया में भी बीपीएससी बैच के सभी शिक्षकों को सीनियर स्केल में प्रोन्नति दे दी गई है और पांच अप्रैल, 2024 को इसकी अधिसूचना भी जारी हो गई है। ऐसे में बीएनएमयू के शिक्षक अपने आपको ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं और उन्हें यह लग रहा है कि शायद बीएनएमयू में रहते हुए हर कार्य में हमेशा पीछे रहना ही उनकी नियति बनी रहेगी।
अतः बीपीएससी सेलेक्टेड टीचर्स फोरम (बीएसटीएफ) के महासचिव डॉ. सुधांशु शेखर ने शनिवार को कुलसचिव को आवेदन देकर बीपीएससी की अनुशंशोपरांत नियुक्त शिक्षकों की असिस्टेंट प्रोफेसर (सीनियर स्केल) में प्रोन्नति की प्रक्रिया को अविलंब पूरा करने की मांग की है। साथ ही अन्य वर्ग के शिक्षकों को भी ससमय प्रोन्नति देने का अनुरोध किया है। उन्होंने आवेदन की प्रति कुलसचिव के अलावा कुलपति कार्यालय एवं प्रोन्नति कोषांग को भी हस्तगत कराया है।
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