लोकसभा सदस्यता खत्म होने पर टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा ने शुक्रवार को कहा कि मेरे खिलाफ कोई सबूत नहीं. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें सदन में बोलने का मौका नहीं मिला. महुआ ने कहा, “लोकसभा स्पीकर का फैसला सिर्फ मेरे लॉग इन शेयर करने के आधार पर लिया गया. मेरे घर सीबीआई भेजी जाएगी और 6 महीने तक मुझे टॉर्चर किया जाएगा. मैं अगले 30 साल संसद के अंदर औऱ बाहर लड़ती रहूंगी.”
महुआ मोइत्रा ने सदन की सदस्यता से निष्कासित किए जाने के बाद कहा कि लोकसभा की आचार समिति, इसकी रिपोर्ट ने सभी नियमों को तोड़ा और यह हमें झुकने के लिए मजबूर करने का एक हथियार है. उन्होंने कहा, “मुझे उस आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी पाया गया है, जो अस्तित्व में ही नहीं है. आचार समिति मुझे उस बात के लिए दंडित कर रही है, जो लोकसभा में सामान्य, स्वीकृत है तथा जिसे प्रोत्साहित किया गया है.”
मोइत्रा ने कहा कि आचार समिति के निष्कर्ष पूरी तरह से दो व्यक्तियों की लिखित गवाही पर आधारित हैं, जिनके कथन असल में एक-दूसरे के विरोधाभासी हैं.
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