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सीएम नीतीश कुमार ने दिया शारदा सिन्हा को श्रद्धांजलि

समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश

पटना/ बिहार की सुप्रसिद्ध लोक गायिका शारदा सिन्हा के निधन के बाद उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने और सम्मान देने का सिलसिला जारी है। बुधवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राज्यसभा सांसद संजय झा, मंत्री विजय चौधरी समेत कई गणमान्य नेता उनके पटना स्थित आवास पर पहुंचे और उन्हें नमन किया।
जानकारी के अनुसार बुधवार को शारदा सिन्हा की पार्थिव शरीर पटना एयरपोर्ट पर लाया गया, जहां डिप्टी सीएम सहित अन्य नेताओं ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। शारदा सिन्हा, जिन्हें ‘बिहार कोकिला’ के रूप में भी जाना जाता है। जिन्होंने संगीत जगत में अत्यधिक योगदान दिया। उनकी आवाज ने भोजपुरी, मैथिली, बज्जिका जैसी स्थानीय भाषाओं में गीतों को लोकप्रियता दिलाई और क्षेत्रीय संगीत को वैश्विक मंच पर पहचान दी। उन्होंने हिंदी फिल्मों में भी गाया, जिनमें उनके मधुर गीतों ने लोगों के दिलों में विशेष स्थान बनाया। शारदा सिन्हा ने छठ महापर्व के लिए भी कई प्रसिद्ध गीत गाए, जो बिहार और उत्तर प्रदेश के साथ पूरे देश में लोकप्रिय रहे। उनकी आवाज में गाए छठ के गीत इस पर्व का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं, जिनसे भावनात्मक जुड़ाव महसूस होता है। उनके योगदान के कारण भारत सरकार ने उन्हें 1991 में पद्म श्री और 2018 में पद्म भूषण सम्मान से नवाजा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी शारदा सिन्हा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि उनका जाना संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री ने उनके परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की और प्रार्थना की कि ईश्वर इस कठिन समय में उनके परिजनों और प्रशंसकों को धैर्य प्रदान करें। शारदा सिन्हा का अंतिम संस्कार 7 नवंबर को किया जाएगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा की कि उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ होगा, जो उनके संगीत जगत में योगदान को सम्मानित करने का एक प्रयास है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को अंतिम संस्कार के दौरान सभी आवश्यक प्रबंध समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दिल्ली स्थित स्थानिक आयुक्त को भी निर्देशित किया कि वह परिवार के साथ समन्वय कर पार्थिव शरीर को पटना भेजने की व्यवस्था करें। शारदा सिन्हा का जीवन भारतीय लोक संगीत को समर्पित था। उनके गीतों में ग्रामीण जीवन की झलक और सादगी होती थी, जो हर वर्ग के लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती थी। उन्होंने पारंपरिक लोक संगीत को न केवल संजोया बल्कि उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी मधुर आवाज और विशेष शैली ने उन्हें संगीत प्रेमियों के दिलों में हमेशा के लिए अमर कर दिया।


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