समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश
पटना/ होली से पहले बिहार के लोगों को बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 3 लाख 30 हजार परिवारों को आवास निर्माण की स्वीकृति दी। और 3 लाख लाभार्थियों को पहली किस्त के रूप में 1200 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सचिवालय में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा, साथ ही ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बिहार के सभी जिलों के अधिकारी और उप विकास आयुक्त जुड़े। कुछ लाभार्थियों को भी इस कार्यक्रम से जोड़ा गया ताकि वे सीधे सरकार के फैसलों और प्रक्रियाओं को समझ सकें। कार्यक्रम के बाद लाभार्थियों को जिलों में स्वीकृति पत्र सौंपे गए, और जिन लोगों के मकान बन चुके हैं, उन्हें सरकारी अधिकारियों द्वारा घर की चाबी सौंपी गई। यह योजना राज्य के गरीब, बेघर और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। योजना के तहत लाभार्थियों को कुल 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाती है, जो तीन किस्तों में प्रदान की जाती है। इसमें 60% राशि (72,000 रुपये) केंद्र सरकार द्वारा दी जाती है। 40% राशि (48,000 रुपये) राज्य सरकार द्वारा दी जाती है। इसके अलावा, मनरेगा योजना के तहत लाभार्थियों को 90 दिनों की अकुशल मजदूरी (22,050 रुपये) और लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत शौचालय निर्माण के लिए 12,000 रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जाती है। राज्य सरकार को इस योजना के तहत 7,90,648 आवासों का लक्ष्य प्राप्त हुआ था। अब तक 6,75,915 परिवारों को आवास की स्वीकृति दी जा चुकी है, और 2,44,450 लाभार्थियों को पहली किस्त का भुगतान हो चुका है। इससे पहले, 7 अक्टूबर 2024 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 1.05 लाख लाभार्थियों को 420 करोड़ रुपये की पहली किस्त दे चुके हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस अवसर पर कहा, योजनाओं का लाभ लाभुकों को बिना किसी परेशानी के मिले, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग को योजना के सही और पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए बधाई दी और अधिकारियों को निर्देश दिया कि लाभार्थियों को किसी भी प्रकार की समस्या न हो। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) गरीब और बेघर परिवारों को स्थायी आवास उपलब्ध कराने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में यह योजना तेजी से लागू की जा रही है, जिससे लाखों गरीब परिवारों को लाभ मिल रहा है। राज्य सरकार इस योजना के सभी लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि कोई भी गरीब परिवार बिना छत के न रहे।
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