समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश
पटना/ राजधानी पटना में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को जननायक कर्पूरी ठाकुर की पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने देशरत्न मार्ग स्थित जननायक कर्पूरी ठाकुर स्मृति संग्रहालय में आयोजित समारोह में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर कई वरिष्ठ नेता, मंत्री, जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने भी कर्पूरी ठाकुर को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस कार्यक्रम में बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री-सह-कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, विधायक कुमार शैलेन्द्र, पूर्व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव, कर्पूरी ठाकुर के परिजन, बिहार राज्य नागरिक परिषद के पूर्व महासचिव अरविंद कुमार, बिहार बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य शिवशंकर निषाद सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया। इस अवसर पर कला, संस्कृति एवं युवा विभाग द्वारा सर्वधर्म प्रार्थना का आयोजन किया गया, जिसमें सभी धर्मों के लोगों ने भाग लिया। इसके अलावा, जननायक कर्पूरी ठाकुर के जीवन एवं उनके कार्यों पर आधारित गीत, भजन-कीर्तन एवं निर्गुण गीतों की विशेष प्रस्तुति की गई। इन प्रस्तुतियों ने कर्पूरी ठाकुर के समाज सुधारक और जनसेवक रूप को जीवंत रूप से दर्शाया।कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों की भी भागीदारी रही। इसमें कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के सचिव प्रणव कुमार, संग्रहालय निदेशालय की निदेशक रचना पाटिल, पटना के जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह और वरीय पुलिस अधीक्षक अवकाश कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। इन अधिकारियों ने भी कर्पूरी ठाकुर की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। जननायक कर्पूरी ठाकुर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और एक सशक्त समाज सुधारक थे। वे हमेशा सामाजिक न्याय और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए संघर्षरत रहे। उन्होंने शिक्षा और रोजगार में पिछड़ों को समान अवसर दिलाने के लिए कई अहम फैसले लिए, जिससे उन्हें जनता के बीच ‘जननायक’ की उपाधि मिली। उनका जीवन सादगी और ईमानदारी का प्रतीक रहा, और वे आज भी गरीबों और वंचितों के नेता के रूप में याद किए जाते हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित कई नेताओं और अधिकारियों ने इस विशेष दिन पर कर्पूरी ठाकुर को नमन किया और उनके आदर्शों को याद किया। उनकी पुण्यतिथि पर आयोजित यह समारोह समाज को उनके विचारों और मूल्यों से अवगत कराने का एक महत्वपूर्ण अवसर बना। भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर की शिक्षाएँ आज भी समाज के लिए प्रेरणादायक हैं, और उन्हें श्रद्धांजलि देना उनके योगदान को सम्मान देने के समान है।
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