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*कोच रोहतास कुमार का लक्ष्य महिलाओं को आत्मरक्षक बनाना और हिंसा रोकना*



हरियाणा/ हिसार( राजेश सलूजा)

कोच रोहताश कुमार आत्मरक्षा की दुनिया में खास तौर पर भारत में एक प्रसिद्ध व्यक्ति और इस क्षेत्र में अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं अपने व्यापक अनुभव और विशेषज्ञ के साथ उन्होंने खुद को आत्मरक्षा तकनीक और रणनीतियों को एक अग्रणी अधिकारी के रूप में स्थापित किया है आयतन सुरक्षा और हिंसा को रोकने में इसके महत्व के बारे में  जागरूकता  बढ़ाते रहे हैं और उच्च स्तर पर कार्य करते रहे हैं उन्होंने स्कूल कॉलेज और कॉर्पोरेट संगठनों के लिए कार्यशालाएं और सेमिनार आयोजित किए हैं। बड़ी ही विषम और कठिनाई भरी परिस्थितियों में बनाया समर्थ कोच रोहतास कुमार स्वयं विषम परिस्थितियों से जूझकर इस मुकाम पर पहुंचे हैं। ताइक्वांडो कराटे बॉक्सिंग के खेल कौशल की पराकाष्ठा कायम करने वाले रोहतास कुमार को बचपन से ही खेलों से लगाव रहा है पहले उन्होंने बॉक्सिंग खेल में हाथ आजमाए लेकिन डेढ़ वर्ष तक मुक्केबाजी करने के बाद फिर ताइक्वांडो खेल की तरफ आकर्षित हुए तो इसी के होकर रह गए। ताइक्वांडो के साथ-साथ कराटे व किक बॉक्सिंग का कड़ा अभ्यास करते हुए उन्होंने राज्य में राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं अभी तू अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक विशेष पहचान बनाई  और अंतिम सफलताएं जीतकर भारत का नाम रोशन किया ताइक्वांडो में ब्लैक बेल्ट हासिल करके बुलंदियों को छूने वाले कोच रोहतास कुमार ने बेटियों को सक्षम बनाने के लिए बाकायदा सेल्फ डिफेंस सपोर्ट समिति का गठन किया है। इंडियन बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में अपना नाम दर्ज कर चुके हैं उसमें मुख्य पुस्तक जीनियस बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, बेस्ट सेल्फ डिफेंस कोच अवार्ड, ग्रेट इंडियन बुक ऑफ़ रिकार्ड्स की तरफ से मोस्ट वर्सेटाइल कोच का सामान  पा चुके हैं और 20 वर्षों की कठिन तपस्या के दौरान 5000 सीटों के माध्यम से 3 लाख से अधिक लड़कियां और महिलाओं को सेल्फ डिफेंस का प्रशिक्षण दे चुके हमारे प्रेरणास्रोत एवं कुशल आदर्श का कार्य करें रहे हरियाणा सेल्फ डिफेंस सोसाइटी के अध्यक्ष और ताइक्वांडो साउथ कोरिया ब्लैक बेल्ट सेल्फ डिफेंस कोच रोहताश कुमार का प्राथमिक उद्देश्य यही है कि सेल्फ डिफेंस को खेल के रूप में बढ़ावा देना ताकि बेटियां शिक्षा के साथ-साथ खेल में भी निरंतर आगे बढ़ सके और उनका शारीरिक स्वास्थ्य भी बेहतर बन सके उनका यह प्रयास है कि गांव-गांव में जाकर बेटियों को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग देना छुपा के माध्यम से पूरे गांव तक सेल्फ डिफेंस कोर्स समिति के सेट कार्यों की जानकारी लोगों तक पहुंचाना आम जनता तक पहुंचाना एवं लड़कियों को सैलरी डिफेंस के माध्यम से रोजगार की भर्ती चालू करना ताकि यह अपने पैरों  खड़ी हो सके और देश की उन्नति प्रगति में अपनी अहम भूमिका निभा सके


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