सीधी
विजय तिवारी
जिले की प्रमुख समस्याओं को लेकर गोड़वाना गणतंत्र पार्टी द्वारा कलेक्ट्रेट सीधी का घेराव किया जायेगा। यह बातें आज स्थानीय सर्किट हाउस में मीडिया से चर्चा करते हुये पूर्व राज्यसभा सांसद अजय प्रताप सिंह ने कही। पूर्व राज्यसभा सांसद श्री सिंह ने कहा कि प्रथम प्रमुख समस्या में सीधी में प्रस्तावित मेडिकल कालेज को निजी हांथों में सौंपने की है। इसके अलावा प्रदेश के 349 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को भी प्रदेश सरकार द्वारा निजी हांथों में सौंपा जा रहा है। यदि निजी हांथों में स्वास्थ्य केन्द्र आ गये तो स्वास्थ्य सुविधाओं के बदले भारी भरकम शुल्क वसूली शुरू हो जायेगी। इससे गरीब जनता को सरकारी अस्पतालों में भी स्वास्थ्य सुविधा पाने के लिये निर्धारित शुल्क देना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इससे गरीबों को स्वास्थ्य सुविधा मिलने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। यह एक जटिल समस्या खड़ी की जा रही है। श्री सिंह ने कहा कि दूसरी बड़ी समस्या यह है कि सीधी जिला आदिवासी बाहुल्य जिला है। संजय टाईगर रिजर्व क्षेत्र के सोनगढ़ एवं चंदोहीडोल में प्रस्तावित बड़े बांध से 7-8 गांव विस्थापित हो रहे हैं। उनकी मांग है कि यदि बड़े बांध के चलते लोगों का विस्थापन होना है तो उनको जिन क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो वहां उतनी ही सिंचित भूमि दी जाय अथवा प्रस्तावित बांध में यह व्यवस्था बनाई जाय कि लोगों का विस्थापन न हो। श्री सिंह ने कहा कि पूर्व मुख्यमंंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा सीधी-सिंगरौली जिले में संयुक्त रूप से पेयजल व्यवस्था के लिये इसी बांध से सम्बद्ध परियोजना का शिलान्यास किया गया था। स्थिति यह है कि इसमें अभी तक कार्य नहीं हुआ है। बावजूद इसके बांध के माध्यम से जो पानी पहुंचना था उसमें 500 करोड़ का भुगतान कर दिया गया और पाइप आकर पड़ी हुई है। श्री सिंह ने कहा कि हैरत की बात तो यह है कि अभी बांध बना नहीं और पाईप लाईन से पानी पहुंचाने के लिये काम आगे ही शुरू कर दिया गया। पाईप लाईन डालने के काम में सबसे ज्यादा मनमानी की जा रही है। इस काम में लगे लोगों को आगे ही लाभान्वित किया जा रहा है और बांध का काम शुरू नहीं हुआ है। बांध को बनने में अभी समय लगेगा। उधर पानी पहुंचाने के लिये जो पाईप लाईन आगे से डालने की व्यवस्था बनाई जा रही है उनकी जरूरत बांध में पानी के घेराव के बाद होगा। उनका कहना था कि इसके अलावा कई प्रमुख समस्याएं हैं जिनका निराकरण होना जरूरी है।
रेलवे नौकरी को लेकर सदन तक उठाई आवाज
पूर्व राज्यसभा सांसद अजय प्रताप सिंह ने कहा कि मैं हमेशा से सीधी एवं प्रदेश की जनता के हितों के साथ प्रतिबद्ध रहा हूं। भू-अधिग्रहण के बाद भी ललितपुर-सिंगरौली नवीन रेल लाईन में नौकरी न देने का जब आदेश जारी हुआ तो उनके द्वारा इस संबंध में सदन तक प्रभावितों की मांग को उठाया गया था। यह सदन में ऑन रिकार्डेड है। उनके साथ ही रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा समेत तीनों सांसदों ने इस पर मांग उठाई थी। जिन्होंने मुझ पर आरोप लगाया है उनके द्वारा न तो सदन में कभी इस मांग को उठाया गया और न ही किसी को पत्र लिखकर मांग की गई। श्री सिंह ने कहा कि भूमि के बदले नौकरी न देने का आदेश सिर्फ यहां की नवीन रेलवे परियोजना के लिये ही जारी नहीं हुआ है। मोदी सरकार द्वारा पूरे देश में इस आदेश को लागू किया गया है।
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