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कुनुक नदी से रेत उत्खनन की शिकायतें, कई गांवों में कारोबार को लेकर सवाल

रसमोहनी से खैरहनी और बरगवां तक भंडारण के आरोप; प्रशासन से संयुक्त जांच और कार्रवाई की मांग

शहडोल। जैतपुर क्षेत्र में कुनुक नदी से कथित अवैध रेत उत्खनन और भंडारण को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर रसमोहनी, खोडरी, कोटरी, खैरहनी, झिरिया टोला और बरगवां सहित कई स्थानों पर रेत कारोबार को लेकर शिकायतें सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना बाकी है।

कई गांवों में कारोबार की चर्चा

स्थानीय शिकायतों में रसमोहनी में राजेश, सौरभ और सचिन, खोडरी में पिंटू, रिंकू, बीरू, मजहर, राजेंद्र सिंह और रहमान, जबकि खैरहनी में पिंकू और राजन के नामों का उल्लेख किया जा रहा है। झिरिया टोला में साबिर सेठ तथा बरगवां में अखंड और गुड्डू के कथित रेत कारोबार या भंडारण को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। इन नामों का उल्लेख आरोपों के संदर्भ में है, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

संयुक्त जांच से सामने आएगी वास्तविक स्थिति

मामले में खनिज विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण है। प्रशासन संबंधित स्थानों का निरीक्षण कर रेत के स्रोत, भंडारण की मात्रा, परिवहन दस्तावेज और वैध अनुमति की जांच कर सकता है। यदि अवैध उत्खनन या भंडारण की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

प्रशासन से पांच सवाल

  1. संबंधित गांवों में रेत उत्खनन और भंडारण की शिकायतों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई?
  2. क्या भंडारण और परिवहन की वैधता की जांच कराई जाएगी?
  3. क्या संयुक्त निरीक्षण दल गठित किया जाएगा?
  4. अधिकारियों या कर्मचारियों की कथित मिलीभगत की शिकायतों की जांच कौन करेगा?
  5. अनियमितता मिलने पर जिम्मेदारों के विरुद्ध क्या कार्रवाई होगी?

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