– न्याय की भीख मांगने कप्तान की चौखट पर पहुंची पीड़िता
अजय दुबे कन्नौज /समाज जागरण
कन्नौज। पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़े हो गए जिससे पीड़ित थाना कोतवाली के चक्कर काट के थक चुकी है उसके बाद पीड़िता पुलिस कप्तान की चौखट पर अपनी नाबालिग पुत्री के साथ न्याय की भीख मांगने पहुंची। आपको बता दें माछीवाड़ा में कोतवाली क्षेत्र के चंद्रपुर गांव का है जहां एक नाबालिग के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया उसके बाद थाना छिबरामऊ पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया पूरे मामले में पीड़िता के बयान भी दर्ज हुए बावजूद इसके अभी तक किसी भी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हुई।
वही आरोपित दबंग किस्म के लोग हैं जिससे पुलिस पीड़िता की नहीं सुनवाई कर रही है।
आज पीड़िता अपनी पुत्री के साथ पुलिस अधीक्षक की चौखट पर न्याय की भीख मांगने पहुंची उसका कहना है कि अब इस चौखट पर न्याय की उम्मीद है। पीड़िता ने साफ कहा के आरोपित लोग काफी दबंग लोग हैं और सुना समझौता का बराबर दबाव डाल रहे हैं वह उसकी पुत्री को देखकर आरोपित लोग चिढ़ाते हैं प्रार्थी की पुत्री को घर से निकलना दुश्वार कर दिया है जिस से पीड़ित होकर प्रार्थिनी में आज पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र दिया। प्रार्थिनी का कहना है कि उसकी पुत्री को आरोपित लोग पास्को पास्को करके चिढ़ाते हैं और आत्महत्या के लिए उठाते हैं। प्रार्थनी का परिवार लोगों से डरा सहमा रहता है
बावजूद इसके छिबरामऊ पुलिस उसकी कोई सुनवाई नहीं कर रही है।
दूसरा मामला गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के रामकृष्ण नगर का जहां पुलिस ने आरोपितों से से मिलकर पीड़ित परिवार पर ही दबाव बनाकर दूसरी धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया एवं परिवार पर बराबर गुरसहायगंज पुलिस दवा बना रही हो। आपको बता दें मामला गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र का है जहां प्रार्थी रामनरेश पुत्र भीकम लाल के पुत्र रंजीत की हत्या कर दी गई थी किस का मामला पुलिस में गैर इरादतन हत्या में पंजीकृत किया था वही पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने आरोपितों से मिलकर पूरे मामले को ही घुमा दिया है और फिर परिवार की कोई सुनवाई नहीं कर रहा है जबकि पीड़ित परिवार ने मिनी नाम के व्यक्ति को पकड़ कर खुद पुलिस के सुपुर्द किया था एवं उसके दो साथी छोटू वह भोला मौके से भागने में कामयाब रहे। प्रार्थी ने आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत ने कहा कि f.i.r. में भोला एवं छोटू के नाम भी शामिल किए जाएं परिवार कई बार कोतवाली के चक्कर काट कर अपनी बात कह चुका है जब उसकी कोई कोतवाली में सुनवाई नहीं हुई तब आखिर में पुलिस कप्तान की चौखट पर अपनी फरियाद लेकर पहुंचा।

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