यात्रियों से खुलेआम 500 से 1000 रुपये तक वसूली, पुलिस मौन
दरभंगा, समाज जागरण।
दिल्ली से दरभंगा एयरपोर्ट पर फ्लाइट से उतरे यात्रियों की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। जैसे ही वे टर्मिनल से बाहर निकलते हैं, टैक्सी और ऑटो चालकों का हुजूम उन्हें घेर लेता है। यात्री संभलें इससे पहले ही ड्राइवर जोर-जबरदस्ती और धक्का-मुक्की कर उन्हें अपनी गाड़ी में बैठाने की कोशिश करने लगते हैं।
कोई 500 रुपये किराया मांगता है तो कोई 1000 रुपये तक बोल देता है। हैरानी की बात यह है कि यह सब खुलेआम होता है और पुलिस सब कुछ देखकर भी मूकदर्शक बनी रहती है।
यात्रियों का कहना है कि एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही उन्हें समझ नहीं आता किसकी सुनें और किस पर भरोसा करें। कई बार विवाद की नौबत तक आ जाती है। दिल्ली से आए एक यात्री ने बताया – “दिल्ली से लौटने पर लगा अब आराम से घर पहुंचेंगे, लेकिन यहां तो हालात और बिगड़ गए। किराए को लेकर खींचतान और धक्का-मुक्की तक हो जाती है।”
दरअसल, एयरपोर्ट पर न तो कोई प्री-पेड टैक्सी काउंटर है और न ही किराए की कोई निर्धारित सूची। इस वजह से ऑटो-टैक्सी चालक मनमर्जी से वसूली करते हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रोज़ का यही तमाशा दरभंगा की बदनामी का कारण बन रहा है।
प्रशासन की बेरुख़ी और पुलिस की चुप्पी ने यात्रियों की परेशानी को और बढ़ा दिया है। सवाल यह है कि आखिर कब तक इस तरह की अव्यवस्था जारी रहेगी और कब यात्रियों को लूट से राहत मिलेगी?



