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दिव्यांग शिक्षकों को बी. एल.ओ.कार्य से मुक्त किया जावे

कटनी /अंधा पीसे कुत्ता खाये तर्ज पर जिले के शिक्षकों को बी.एल.ओ. कार्य में सेवा देने संबंधी आदेश से शिक्षा विभाग की पढ़ाई के साथ साथ नवनिहालों के भविष्य पर बुरा असर पड़ना स्वभाविक है. इस आशय की शंका जाहिर करते हुए विकलांग बल के प्रांतीय संरक्षक कुंवर मार्तण्ड सिंह राजपूत ने बताया कि इस वर्ष विगत दिवस थोक के भाव में बी.एल.ओ.कार्य में लगाये गये जिले के सभी संवर्ग के शिक्षकों में अनेकों अनेक विद्यालय से सत प्रतिशत शिक्षकों को इस कार्य में झोंक देने से शालाओं में विषम स्थिति पैदा हो गयी है. .जिसके चलते जिले के शिक्षकों का गुस्सा इन दिनों जिला प्रशासन की आंखमूंदी कार्यवाही से चौथे आसमान पर पहुंच चुका है. राज्य शासन के आदेश को धत्ता बताते हुए, कटनी जिले में बनाये गये, बी.एल.ओ.में से गणित विज्ञान और अंग्रेजी पढ़ाने वाले शिक्षकों के साथ साथ निश:क्त कर्मचारियों को भी उक्त महत्वपूर्ण कार्य में लगाया गया है. जिला प्रशासन के इस नियम विरुद्ध कार्यवाही से विशेष कर ऐसे शिक्षक जो दिव्यांग, बीमारऔर गणित, विज्ञान संकाय के हैं, नियमानुसार उनकी डिवटी नहीं लगनी थी,पर ऐसा न होकर नियम विरुद्ध तरीके से उनकी डिवटी लगा देने के कारण, इन दिनों भुक्तभोगी शिक्षक काफ़ी हताश, परेशान व मानसिक तनाव में हैं. शिक्षकों के पक्ष को गहराई से रखते हुए गत दिवस विकलांग बल के प्रांतीय संरक्षक श्री राजपूत द्वारा विशेष कर दिव्यांग कर्मचारियों को कार्य के दौरान होने वाली समस्याओं की जानकारी बिन्दुवार अनुविभागीय अधिकारी राजस्व प्रदीप मिश्रा के समक्ष रखकर उनसे दिव्यांग शिक्षकों को बी.एल.ओ. कार्य से तुरंत मुक्त करने की मांग की गयी है.


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