नोएडा समाज जागरण डेस्क
नोएडा। सरकार सिंग्ल इंजन की हो या फिर डबल इंजन की लेकिन उस पर सवारी तो भ्रष्टाचारी ही करते है। जो पहले सिंग्ल रफ्तार से होते थे वही भ्रष्टाचार अब डबल रफ्तार से होने लगी है। नोएडा प्राधिकरण की तो बात ही कुछ और है। जो कल भी भ्रष्टाचार मे डुबा था और आज भी है। सरकार आने जाने से नौकरशाही पर कोई ज्यादा फर्क पड़ता नही है। देश या राज्य मे विपक्ष का नही होना भी सरकार और नौकरशाही दोनों को निरंकुश बना देती है। शिकायत थी की अवैध दुकान लग रही है लेकिन नोएडा प्राधिकरण और पुलिस ने मिलकर वैध दुकान को ही हटा दिया है।
अंजू देवी पत्नि मनीष गुप्ता कंट्रोल संख्या 9377 जो कि वर्क सर्किल 2 सेक्टर 38ए बोटेनिकल गार्डन बस स्टैण्ड पर रेहड़ी पटरी लगाकर अपने परिवार के भरण पोषण करते है। न सिर्फ अपने परिवार के भरण पोषण करते है बल्कि लाइसेंस के बदले मे नोएडा प्राधिकरण की जेब भी भरते है। नोएडा प्राधिकरण मे रजिस्टर्ड वेंडर है इनको 2021 मे ड्रा के माध्यम से वेंडिंग जोन का लाइसेंस दिया गया। लेकिन अब इनको लगता है कि नोएडा प्राधिकरण से वेंडिंग लाइसेंस लेना ही इनके लिए मुसीबत बन गई है। योगी सरकार के गारंटी के तहत योगी सरकार के लोग भी भ्रष्टाचार को बढावा दे रहे है।
नोएडा सेक्टर 27 मे अतिक्रमण हटाने के लिए भले ही बुल्डोजर मे तेल न हो, नोएडा सेक्टर-2 से अतिक्रमण हटाने के लिए भले ही पुलिस न मिलते हो, नोएडा सेक्टर 42 शनि मंदिर के पास बीच सड़क पर लग रहे अवैध मंडी को हटाने के लिए समय नही मिलते हो लेकिन मनीष गुप्ता जो कि लाइसेंसी वेंडर है हटाने के लिए बुल्डोजर लेकर पहुँच जाते है और दुकान को तोड़कर गाड़ी मे भर ले जाते है। नोएडा सेक्टर 53 पहुंच जाते है और चंपारण लिट्टी हांडी लगाने वाली रेहड़ी को तोड़ देते है। उसी के बगल मे खड़ी ठेली को छोड़ देते है। नोएडा सेक्टर 117 पहुँच जाते है वहाँ वेंडर के रेहड़ी पर बुल्डोजर चलता है लेकिन वही पर 10 मीटर मे चल रहे रेस्टोरेंट को छोड़ देते है।
नोएडा प्राधिकरण के बेलगाम जेई और सुपरवाइजर अवैध अतिक्रमण को हटाने के बजाय वैध वेंडरो का शोषण करने मे लगे है और नोएडा प्राधिकरण के सीओ महोदय सेक्टरों के भ्रमण मे। जहाँ शिकायत है वहाँ जाते नही है और जहाँ शिकायत नही है वहाँ शिकायत निवारण करते हुए आए दिन देखे जाते है। बॉटेनिकल गार्डन जहाँ पर मनीष गुप्ता के दुकान को तोड़े गए है वही पर 20 से 25 अवैध रेहड़ी पटरी आज भी नोएडा के स्मार्ट सड़कों के शोभा बढ़ा रहे है। लेकिन गांधी के चश्मे मे शायद यह सब धुंधला सा दिखता है। मनीष गुप्ता के ठेली भी वही लगती अगर मनीष गुप्ता ने गांंधी के लेन-देन से मना नही किया होता।


नोएडा सेक्टर 38ए बोटेनिकल गार्डन पर दुकान लगाने वाले मनीष गुप्ता के ठेली को नोएडा प्राधिकरण के बुल्डोजर ने ध्वस्त कर दिया। मनीष गुप्ता बताते है कि उन्होने नोएडा प्राधिकरण मे अवैध वेंडर के बारे मे शिकायत किया था जिसका परिणाम उनको भुगतना पड़ा है। उनके रेहड़ी जिनसे उनका घर चलता है नोएडा प्राधिकरण के जेई ने तुड़वा दिया, जिससे उन्हे लगभग 30 हजार का नुकसान हुआ है। तोड़ने से पहले कोई नोटिस नही दिया गया। अब मनीष गुप्ता पूरे परिवार के साथ मे अनशन पर बैठे है लेकिन उनका सुध लेने वाला कोई नही। होगा भी कैसे न तो वह किसी पार्टी के नेता है न तो अभिनेता। उनके साथ मे तीन परिवार और भी है जिनका ठेली पटरी खोमचा तोड़ दिया गया है। अब तीनों परिवार महिला तथा बच्चों के साथ धरने पर बैठे है। मनीष गुप्ता ने कहा है कि जब नोएडा प्राधिकरण और पुलिस को ही पैसे देना है तो मैंटेनेंस शुल्क का क्या मतलब है।
नोएडा सेक्टर 53 मे कंचन जंगा मार्किट लिट्टी हांडी की दुकान पर बुल्डोजर चलाकर नेस्तनाबुत कर दिया गया। दोष सिर्फ इतना था कि उन्होंने लिट्टी चोखा के जगह लिट्टी चिकन हांडी बेचना शुरू कर दिया था। जिसको लेकर नोएडा प्राधिकरण ने नोटिस दिया था और तीन दिनों के अन्दर मे अपने रेहड़ी पर वही कारोबार करने के लिए कहा गया जो उन्होंने फार्म भरते समय मे लिखा था। ऐसा नही करने पर उनका रेहड़ी तोड़ दिया गया जिससे उनका 2 लाख का नुकसान हुआ है।

लेकिन सवाल उठता है कि आखिर कौन सी नियम है जहाँ पर लिखा है कि आप उल्लेखित कार्य ही करेंगे। वेंडर ने अगर दूसरा कार्य किया तो उसका रेहड़ी पटरी तोड़ दिया जायेगा और उसके रोजगार को छिन कर उसे बेरोजगार बना दिया जायेगा। बहुत से कार्य तो सीजन के हिसाब से होते है तो क्या वेंडर को यह लिखना जरूरी है कि हम सर्दी मे यह कार्य करेंगे और गर्मी मे यह कार्य। या फिर सर्दी मे यह कार्य करेंगे औऱ गर्मी भर छुट्टी रखेंगे। एक ही मार्केट कई दुकान एक जैसा होता है तो क्या उनका दुकान तोड़ दिए जाते है। कई वेंडिंग जोन मे तो स्वयं नोएडा प्राधिकरण ने ही एक जैसे कई वेंडर का लाइसेंस दिया हुआ है तो यह माना जाय की उन सबका रेहड़ी पटरी इसी तरह से उजाड़ दिए जायेंगे। आखिर लिट्टी चोखा के जगह लिट्टी हांडी चिकन ही तो बेच रहा था कोई गांजा चरस तो नही।
नोएडा सेक्टर 117 मे नोएडा प्राधिकरण ने बुल्डोजर चलाकर कई वेंडरों के समान को नष्ट कर दिया। वही पर एक ढाबा जो कि 10 मीटर से ज्यादा मे चल रहा है उसके नोएडा प्राधिकरण के अमला ने छुआ तक नही। नोएडा प्राधिकरण के द्वारा नोएडा मे वेंडिंग लाइसेंस दिए जाते है ताकि नोएडा सुरक्षित रहे। नोएडा प्राधिकरण के द्वारा नोएडा मे वेंडिग जोन बनाकर दिए जा रहे है ताकि नोएडा अतिक्रमण मुक्त हो और साफ सुथरा लगे। लेकिन योगी सरकार के “डबल इंजन सरकार मे बढ़ते भ्रष्टाचार” आलम यह है कि उसी वेंडर के दुकान तोड़े जा रहे है जो लाइसेंस लेकर रेहड़ी पटरी लगा रहे है। उसी वेंडिंग जोन मे बुल्डोजर चल रहा है जिसे नोएडा प्राधिकरण ने स्वयं ही लाइसेंसी वेंडर के लिए बनाया है।
मनीष गुप्ता अपने पूरे परिवार के साथ धरना दे रहे है योगी सरकार से न्याय की मांग कर रहे है। उनके दुकान को तोड़ दिया गया है जिससे उनका सिर्फ धन का नुकसान नही बल्कि मानसिक उत्पीड़न भी हुआ और अब न्याय की मांग रहे है। उत्तर प्रदेश के योगी सरकार से उनको न्याय मिलता है या यह भी एक जुमला साबित होता है। यह तो आने वाले समय मे ही पता चलेगा लेकिन आप भी अगर लाइसेंसी वेंडर है तो सतर्क रहिए पता नही कब आपके दुकान पर ही बाबा के बुल्डोजर बरस जाए।
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