google-site-verification: google2b21991adbe5cec3.html

कलयुगी द्रोणाचार्य लगा रहे हैं विभाग की प्रतिष्ठा पर दाग

पुस्तकालय को ही बना लिया मधुशाला

शहडोल। भारतीय समाज में पुरातन काल से ही विद्यालयों को एक पवित्र स्थल का दर्जा दिया गया था विद्यालयों को शिक्षा का मंदिर भी कहा जाता है , लेकिन जिले के एक विद्यालय की कुछ ऐसी तस्वीरें सामने आईं हैं जो शिक्षा जैसे पवित्र पेशे को शर्मसार कर रही हैं ।

यह है घटना
जिले की शा. उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बकहो में पदस्थ शिक्षक गोपाल चौधरी की शराब पीते हुए एक तस्वीर इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है , इस तस्वीर में आधुनिक द्रोणाचार्य गोपाल चौधरी बड़े गर्व के साथ मद्यपान करते हुए शराब की बोतल के साथ दिखाई दे रहे हैं , विद्यालय के विषय में जानकारी रखने वाले कुछ लोग इस तस्वीर के आधार पर मद्यपान करते हुए शिक्षक की इस तस्वीर को विद्यालय का ही पुस्तकालय बता रहे हैं , हालांकि हम इस वायरल तस्वीर की पुष्टि नहीं करते लेकिन शिक्षक की इस मद्यपान करती हुई तस्वीर ने विद्यालय को अवश्य शर्मसार कर दिया है ।

गोपाल का निलंबन से रहा है पूर्व से नाता
सूत्रों की मानें तो बुढार का रहने वाला शिक्षक गोपाल चौधरी अपनी हरकतों के कारण विभाग में चर्चा का विषय रहा है , पूर्व में इस शिक्षक की पदस्थापना रीवा जिले के रायपुर कर्चुलियान में थी , स्थानांतरण होने के बाद इसकी पदस्थापना जिले के लालपुर विद्यालय में हुई जहां अपनी हरकतों की वजह से गोपाल चौधरी निलंबित हुआ, अब इसी शिक्षक की यह ताजी करतूत चर्चा का विषय बनी हुई है ।

कार्यवाही अब विभाग के पाले में
निश्चय ही इस शिक्षक की जो तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रहीं हैं यह शिक्षा जैसे पवित्र पेशे को कलंकित कर रही हैं , ऐसे में शिक्षा विभाग में बैठे हुए जिम्मेदारों को इस तस्वीर का स्वतः संज्ञान लेकर उचित कार्यवाही की जानी चाहिए।

इनका कहना है

हां सोशल मीडिया में जो तस्वीर वायरल हुई है उसमें विद्यालय के ही एक शिक्षक गोपाल चौधरी हैं , लेकिन यह तस्वीर कहां की है इस संबंध में जानकारी लेने के बाद ही बता पाऊंगा ।
महेंद्र सिंह , प्राचार्य , शा.उच्चतर माध्यमिक विद्यालय , बकहो ।

मेरे कुछ मेहमान आए हुए थे , मेहमानों के साथ मैं शराब पी रहा था , फोटो कैसे खींची गई मुझे नहीं मालूम , तस्वीर विद्यालय के अंदर की नहीं है, यह किसी की साजिश है हालांकि शिक्षक होने के नाते मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था।
*गोपाल चौधरी, शिक्षक शा.उच्चतर माध्यमिक विद्यालय , बकहो


Discover more from समाज जागरण

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

🛍️ Today’s Best Deals

(Advertisement)