उमरिया । जिले में इन दिनों रेत का अवैध कारोबार जमकर फल फूल रहा है, खनिज विभाग अवैध उत्खनन पर अंकुश लगाने में नाकामयाब साबित हुआ, तो पुलिस ने रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन को हरी झंडी दे दी। घुनघुटी चौकी के सह पर अवैध उत्खनन और परिवहन तेजी से चल रहा है, एक तरह से कहा जाए की पुलिस अपराधों को अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रही है। क्षेत्र में दर्जनों नदी नालों के घाट से रेत का अवैध उत्खनन जारी है। घुनघुटी क्षेत्र में रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन जारी है। जिस पर अंकुश लगाना थाना प्रभारी के बस में नहीं है।
फेल हुए आचार संहिता के नियम-
थाना क्षेत्र अंतर्गत इतना प्रभावशील है कि आचार संहिता के नियम और कानून धरे के धरे रह गए। क्षेत्र अंतर्गत आचार संहिता के कानून कागज में सिमट कर रह गए हैं। स्थितियां यह है कि देर रात तक गहरा नाला में अवैध उत्खनन देर रात तक जारी रहता है और क्षेत्र भर में ट्रैक्टर और वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है जबकि आचार संहिता के नियम अनुसार रात्रि के समय अवैध उत्खनन परिवहन पर पूरी तरह रोक लगाई जानी चाहिए। किंतु आचार संहिता का लाभ उठाते हुए प्रभारी ने अवैध उत्खनन और परिवहन को संरक्षण दे रखा है जिससे क्षेत्र में रेत का अवैध कारोबार तेजी से फैल रहा है जिस पर पुलिस अंकुश लगाने में नाकामयाब साबित हो गई है
अतुल, अमृत, मथुरा को संरक्षण
उमरिया जिले के घुनघुटी थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत ओदरी के निकट मुरना एवं गहरा नाला से अतुल, मथुरा, अमृत नामक व्यक्ति द्वारा बीट प्रभारी के संरक्षण में दिन-रात रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है आलम यह है कि दिनदहाड़े आधा दर्जन ट्रैक्टर एवं आधा सैकड़ा मजदूर नदी एवं नाले में अपनी उपस्थिति दर्ज करा कर रेत चोरी को अंजाम देते हैं। पुलिस की निरंकुश्ता अपराधियों के मनोबल को ऊपर उठा रही है जिससे अपराध निरंकुश होते चले जा रहे हैं अगर यही स्थिति बरकरार रहे तो भविष्य में पुलिस का नाम निरंकुशता रिकॉर्ड के वर्ल्ड बुक में दर्ज हो जाएगी। सूत्र बताते हैं कि मुख्य सड़क पर रेत माफियाओं की बाइक खड़ी रहती है और उसके बगल में माफिया खड़े होकर रैकी भी करते हैं।
इन घाटो पर रेत माफिया सक्रिय माफिया
रेत माफियाओ की अचानक बाढ़ सी आ गयी जिसके कारण दिन-रात चोलना के बलबई घाट, मुरना में शहडोल मानपुर मार्ग के ग्राम पंचायत ओदरी के समीप पुलिया के नीचे, गहरा नाला है जिनसे अवैध रेत का उत्खनन किया जा रहा और चोरी की रेत को 5000/- रुपए प्रति ट्राली की दर से क्षेत्र के जरूरतमंदो एवं ग्राम पंचायतो मे खपाया जा रहा है
इनका कहना है
आपके माध्यम से मुझे जानकारी मिली है मैं दिखाता हूं
भूपेंद्र पंत
प्रभारी घुनघुटी
नहीं हुआ मोबाइल रिसीव
इस संबंध में खनिज विभाग जिला उमरिया में पदस्थ खनिज निरीक्षक श्री चतुर्वेदी से बात करनी चाही गई तो उन्होंने मोबाइल रिसीव नहीं किया।
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