अभय कुमार मिश्रा, दैनिक समाज जागरण, ब्यूरो चीफ, कोल्हान झारखंड
सरायकेला खरसावां (झारखंड)13 दिसम्बर 2024:– विधान सभा चुनाव से पूर्व हेमंत सोरेन ने “मईयां सम्मान योजना” के तहत झारखंड की सभी महिलाओं को इसका लाभ देने की घोषणा की थी। इस दौरान आनन फानन में महिलाओं से आवश्यक दस्तावेज के साथ प्रपत्र लेकर उनके खाते में एक हजार की राशि भेजकर उन्हें सम्मान देने की बात भी कही। चुनाव के वक्त ही मुख्यमंत्री ने उनके खातों में 11 दिसंबर तक ₹2500 राशि भेजने का वादा भी किया था। इस लाभ को लेकर हेमंत सोरेन चुनाव भी जीत गए। चुनाव जीतने के बाद जब उनकी सरकार बनी तो अब तक यह 2500 की राशि लाभार्थियों के खातों में नहीं पहुंची। इसके साथ ही, सरकार ने इस योजना के लिए नई शर्तें और नियम लागू कर दिए हैं। जिससे सभी महिलाएं खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही हैं। अब इस लाभ के लिए सरकार ने पात्रता तय कर दी है। जबकि चुनाव से पूर्व महिलाओं की पात्रता के लिए ऐसी कोई शर्त नहीं थी। विभागों को विशेष दिशानिर्देश दिए जा रहे हैं कि येन केन प्रकारेण, योजना का लाभ उठाने वाली महिलाओं का नाम छांटकर लाभुकों की संख्या सीमित रखी जाए।
जब सरकार ने चुनाव से पहले 18 वर्ष से ऊपर सभी महिलाओं को इस योजना का लाभ देने की बात की थी तो अब अयोग्य और योग्य लाभुक का तर्क अनुचित है। भाजपा इस मामले में महिलाओं से मंईयां सम्मान योजना की राशि वसूली नहीं होने देगी। हेमंत सोरेन की यह योजना मईयां सम्मान योजना नहीं मईयां अपमान योजना बन गई है।
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