ब्यूरो चीफ़ सोनभद्र/ दैनिक समाज जागरण
सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश। शिक्षा को सुलभ और सहज बनाने के अपने सतत प्रयासों के अंतर्गत, अवादा फाउंडेशन ने सोनभद्र के दूरस्थ आदिवासी गाँवों—चिचलिक, बसुहारी, अड़गुड़ और चन्नी—के 150 छात्रों को साइकिलें वितरित कीं। ‘आशा की साइकिल’ नामक इस अभियान का उद्देश्य उन बच्चों को मदद पहुँचाना है जो कठिन और लंबे रास्तों को प्रतिदिन पैदल तय कर स्कूल जाते हैं। इस पहल के माध्यम से न केवल उनकी विद्यालय तक पहुँच आसान होगी, बल्कि वे समय और ऊर्जा दोनों की बचत कर पाएँगे, जिससे पढ़ाई में बेहतर ध्यान दे सकेंगे।
इस अवसर पर अवादा फाउंडेशन की निदेशक श्रीमती ऋतु पटवारी ने कहा, “हम मानते हैं कि शिक्षा से ही किसी समाज का सम्पूर्ण विकास होता है। इन साइकिलों के माध्यम से न केवल बच्चे आसानी से स्कूल पहुँच सकेंगे, बल्कि उनके आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता में भी वृद्धि होगी। हमारी कोशिश है कि हर बच्चा बिना किसी बाधा के अपने सपनों तक पहुँच सके।”
अवादा फाउंडेशन पिछले एक वर्ष से सोनभद्र के इन अति-पिछड़े गाँवों में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहा है। इस दौरान फाउंडेशन ने गाँवों में सोलर लाइट लगवाने, पीने के पानी की व्यवस्था करने, स्थानीय स्तर पर क्रिकेट मैच और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने जैसे प्रयास किए हैं। कई सरकारी विद्यालयों में इन्वर्टर और पुस्तकालयों की स्थापना कराई गई है, साथ ही खेल मैदान बनवाए गए हैं ताकि बच्चों को शारीरिक विकास के अवसर मिल सकें।
फाउंडेशन द्वारा ग्रामीणों को वस्त्र और छात्रों को यूनिफॉर्म, बैग, जूते आदि प्रदान किए गए हैं। विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति भी कराई गई है ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। साथ ही विद्यार्थियों को प्रेरणा देने और उनके दृष्टिकोण को विस्तारित करने के लिए शैक्षिक भ्रमण भी आयोजित किए गए हैं।
पोषण के क्षेत्र में भी फाउंडेशन ने सक्रिय भूमिका निभाई है। बच्चों और उनके परिवारों को संतुलित आहार सुनिश्चित करने के लिए पोषण युक्त राशन सामग्री का वितरण किया गया है। इसके अतिरिक्त, महिलाओं को घरेलू स्तर पर सब्जियाँ उगाने हेतु प्रशिक्षण दिया गया है और उन्हें बीज व पौधे भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे वे ताज़ी और पोषक सब्जियाँ उगाकर अपनी घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकें।
साइकिल वितरण कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि शशांक मिश्रा, स्थानीय चौकी प्रभारी अवादा से उपप्रबंधक महेश माथुर, सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश सिंह सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। इस आयोजन में ग्रामीणों और अभिभावकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे कार्यक्रम का वातावरण अत्यंत प्रेरणादायक रहा।
अवादा फाउंडेशन का मानना है कि शिक्षा और पोषण—दोनों ही किसी भी बच्चे के सम्पूर्ण विकास के लिए अनिवार्य हैं। कोई भी सामाजिक या भौगोलिक दूरी इन अधिकारों के मार्ग में बाधा नहीं बननी चाहिए।
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