चिंतना गोष्ठी के संबोधन मे इतिहासकार कृष्णानंद सागर शर्मा ने कहा है कि भारत कोई 1949-या 1950 मे नही बना है। भारत का इतिहास तो करोड़ वर्ष की है। दूसरी महत्वपूर्ण बात उन्होंने कहा है कि संविधान मे अनेको बार स्टेट शब्द का प्रयोग किया गया जो कि बिल्कुल ठीक है। संविधान स्टेट यानि राज्य के ही बनाये जाते है जिसमे तय किए जाते है कि देश राज्य, शासन प्रशासन कैसे चलेंगे। नीति का निर्धारण कैसे होगा। उन्होंने सवाल उठाया है कि क्या संविधान निर्माताओं के नजर मे कंट्री अलग था और नेशन अगल था ? क्योंकि एक ही वाक्य मे दोनो शब्दो का प्रयोग किया गया है। उन्होंने कहा है कि अगर हम संविधान को ही सब कुछ मान ले तो इसका मतलब भारत था ही नही।
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