क्या हाॅथो में हथियार लेकर निशाना लगाते हुए एक युवक का वायर तस्वीर, पुलिस द्वारा संरक्षित गुंडों की हैं ?
समाज जागरण, 07 अक्टूबर 2023:-
बिहार प्रदेश के औरंगाबाद जिले का नबीनगर थाना क्षेत्र में
शोशल मीडिया के माध्यम से अपने हाॅथो में हथियार को दिखाकर जनमानस/ खासकर पुंजीपतियो के बीच आतंक बन चुके युवक कौन है ? और पुलिस इनके सामने आखिर नतमस्तक क्यों है। क्या मोटरसाइकिल पर बैठकर अपने हाथों में हथियार से निशाना लगाते हुए अपने तस्वीर को वायर करने वाले युवक, पुलिस संरक्षित गुण्डा है ? अगर पुलिस संरक्षित गुण्डा नहीं है तो जिस युवक ने मोटरसाइकिल पर बैठकर हथियार से निशाना लगाते हुए अपने तस्वीर को वायरल किया है, वह कौन है, उस पर पुलिस मेहरबान क्यों है? और हांथों मे हथियार लेकर तस्वीर वायर करने वाले युवक पर आजतक पुलिस द्वारा विधिसम्मत कार्रवाई क्यों नहीं की गई ?, क्या पुलिस संरक्षण में ही पूंजी पत्तियों से रंगदारी वसूले जाते हैं और पूंजीपतियों की हत्या होती है ,इत्यादि अनेको प्रश्न, जनमानस के जेहन में रौंद रहें हैं वहीं जनमानस द्वारा मीडिया से ऐसे सवालों की झड़ी लगाकर बोलती को बंद कर दिया जा रहा है, जैसे मीडिया वालों ने बंदूक लहराया है अथवा लहरवाया हैं। दबे जुबान जनमानस की गुस्सा यहां के मीडिया वालों पर भी है तथा मीडिया की संरक्षण में यह बारदातें होने की आरोप भी लगाते आ रहे हैं।
गोल्डन दास नामक युवक द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से
सरकार , तमाम प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी तथा मीडिया को संदेश भेजा गया हैं जिसमें कहा गया है की बिहार प्रदेश के औरंगाबाद जिले का नवीनगर प्रखंड के नवीननगर थाना क्षेत्र का नवीनगर में पूंजीपतियों के बीच आतंक को पैदा करने के मनसा से अंशु कुमार चंद्रवंशी पिता सिद्धि चंद्रवंशी ने मोटरसाइकिल पर बैठकर अपने हाॅथो में हथियार को लेकर अपना तस्वीर को खिंचवाया है तथा शोशल मीडिया पर वायर किया हैं।
बन्दूक से निशाना लगाते हुए अंशु कुमार चंद्रवंशी पिता सिद्धि चंद्रवंशी नामक एक युवक का वायर फ़ोटो पर गोल्डन दास नामक युवक द्वारा कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त किया गया है और जन संदेश में कहा गया है ,मैं गोल्डन दास ,मेरा कहना यह हैं कि अमित कुमार उर्फ पिंटू एलआइसी का खास आदमी है जिसका नाम अंशु कुमार चंद्रवंशी पिता सिद्धि चंद्रवंशी (संगम स्टूडियो नवीनगर के पास इसका घर है) । जहां का यह तस्वीर है । वह अमित कुमार उर्फ पिंटू एलआईसी के घर (मंगल बाजार परिधान कपड़ा दुकान के पास) के अंदर फुलवाड़ी का है। फेसबुक के माध्यम से पूरे इलाका में दहशत फैलाकर सोनार, अग्रवाल, जयसवाल, सेठ, मारवाड़ी इत्यादि बिजनेसमैन से रंगदारी वसूलने की योजना बनाई जा रही है।
गोल्डन दास नामक युवक द्वारा वायरल संदेश में कहा गया है कि अमित कुमार उर्फ पिंटू एलआईसी पर दंगा एवं आर्म्स एक्ट, पोस्को एक्ट जैसे कई गंभीर मामले नवीनगर सहित औरंगाबाद जिले के अन्य थानों में दर्ज है। मुझे जितनी जानकारी है उसमें नबीनगर थाना कांड सं० 38/13, नबीनगर थाना कांड सं० 54/10, नबीनगर थाना कांड संo
68/07, नबीनगर थाना कांड संo 05/16, है। अमित कुमार उर्फ पिंटू एलआईसी ,वर्तमान में नबीनगर नगर पंचायत के वार्ड नंबर 9 का वार्ड पार्षद है,जो काफी मनबढू एवं दबंग है।
गोल्डन दास नामक युवक द्वारा वायरल संदेश में कहा गया है कि अमित कुमार उर्फ पिंटू द्वारा सेक्स रैकेट भी चलाता है जिसका वीडियो भी मेरे पास है कुछ दिन पहले वायरल हुआ था । सी आईडी की टीम जाँच करने आई थी तो जगह का पहचान हुआ था तथा बेडशीट भी बरामद हुआ था। यह पैसे एवं पैरवी के बल पर अभी तक जेल नहीं गया है। यह औरंगाबाद पुलिस के लिए चैलेंज है। कहता है कि किसी की औकात नहीं है कि हमको कोई जेल भेज दे। डर के मारे इसके घर पर पुलिस भी नहीं जाती है। क्या यही न्याय है? आम आदमी भी यह सोच कर डर जाता है कि इतना कुछ करने के बावजूद भी एक दिन जेल नहीं गया है इसका मतलब यह बहुत ही बड़ा दबंग एवं पैरवी वाला व्यक्ति है। आम नागरिक का कर्तव्य निभाते हुए मैं आपको सूचना दे रहा हूँ। कृपया इस मामले की जाँच कर कार्रवाई किया जाय एवं आर्म्स एक्ट में FIR दर्ज कर जेल भेजा जाए ताकी गरीब जनता के दिल से डर निकल सकें।
वायरल फोटो एवं खबर को समाज जागरण के द्वारा पुष्टि नहीं किया जाता है ,फिर भी वायरल खबरें पुलिस के लिए एक चुनौती का विषय है अगर खबर सही है तो अपराधियों के विरुद्ध पुलिस कार्रवाई क्यों नहीं होती है । अगर किसी के विरुद्ध अफवाह फैलायें जा रहे हैं तो अफवाह फैलाने वाले के विरुद्ध पुलिस द्वारा कार्रवाई क्यों नहीं होती है । यह सवाल पुलिस प्रशासन के लिए हैं। आरोपियों का पक्ष जानने का प्रयास किया गया , लेकिन संवाद लिखे जाने तक संपर्क स्थापित नहीं हो सका। उपरोक्त मामले में पुलिस द्वारा भी सोशल मीडिया के माध्यम से पक्ष जानने का प्रयास किया गया है किन्तू संवाद लिखे जाने तक वरीय पुलिस पदाधिकारी द्वारा किसी तरह के कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं किया गया है।
पुलिस इंस्पेक्टर नवीनगर का कहना है की वायरल खबर को मैं देख रहा हूं मैं थाना अध्यक्ष को जांच करने के लिए बोल दिया है यहां पर किसी तरह का कोई आतंक नहीं है। फोन पर विशेष कुछ कहा नहीं जा सकता है अब सवाल उठता है कि अनेको कांड़ का कोई ब्यक्ति अभियुक्त हैं तो पुलिस उसे गिरफ्तार क्यों नहीं करती है।
ऑन द रिकॉर्ड, जनता की शिकायत एवं सर्वेक्षण तथा पुलिस का प्रतिक्रिया बताते हैं की औरंगाबाद पुलिस अत्याचारियों की ओर से दमन की कार्रवाई पीड़ितों एवं जनहित में आवाज उठाने वालों पर करती है । क्या बिहार प्रदेश के औरंगाबाद जिले में कमजोर लोगों पर जुल्म ढ़ाहने के लिए पुलिस का पदस्थापना हुई है यह अहम सवाल जाॅच का विषय हैं।
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