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झोलाछाप बंगाली डॉक्टर के ईलाज से 2 साल पहले ग्रामीण की हुई थी मौत….लेकिन नही हुई थी कोई कार्रवाई, आखिर कौन है जिम्मेदार?



समाज जागरण संवाददाता विवेक देशमुख

मस्तूरी – थाना क्षेत्र के वेद परसदा में बिना किसी डिग्री और लाइसेंस के बंगाली डॉक्टर अपना क्लिनिक संचालित कर रहा था, जिसके द्वारा इंजेक्शन लगाने की वजह से जहाँ एक युवक की जिंदगी अब मौत के मुँह में है तो वही इसी बंगाली डॉक्टर निखिल विश्वास के द्वारा 2 साल पहले 21/10/2020 को क्षेत्र के डोड़की निवासी 67 वर्षीय महेन्द्रपाल श्रीवास की मौत हुई थी, मृतक को भी इसी बंगाली डॉक्टर ने मामूली तबीयत खराब होने पर इंजेक्शन लगाया था, जिसके बाद उसके कमर में इंफेक्शन और फोड़े हो गए थे, जिसे उपचार के लिए बिलासपुर लाया गया था लेकिन 26/10/2020 को उनकी मौत हो गई थी, मामले में परिजनों ने मस्तूरी थाने में इसकी लिखित शिकायत भी की थी लेकिन उसके बाद भी कोई कार्रवाई बंगाली डॉक्टर के ऊपर नही हुई और न ही स्वास्थ्य विभाग ने क्लिनिक को सील किया जिसका खामियाजा ही अभी वेद परसदा के युवक हेतराम पटेल को भुगतना पड़ रहा है और उसकी जान आफत में पड़ गई है। हालांकि इस मामले में बंगाली डॉक्टर की गिरफ्तारी कर ली गई है लेकिन 2 साल पहले हुई मौत के मामले में कही कार्रवाई होती तो आज यह नौबत न आती।


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