समाज जागरण दीपक कुमार प्रखंड सवादाता छत्तरपुर
छतरपुर(पलामू) 22जुलाई2024: आजसू प्रमुख सुदेश महतो के छतरपुर कार्यक्रम के दौरान दिए गए बयानों के खिलाफ झारखंड मुक्ति मोर्चा प्रतिरोध सभा का आयोजन करेगा।सुदेश महतो का मन जब रांची से ऊब जाता है तो पलामू में मन बहलाने के लिए आते हैं।उन्हें यहां के लोगों की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है।उक्त बातें झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय समिति सदस्य चंदन प्रकाश सिन्हा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा।जारी किए गए प्रेस विज्ञप्ति में चंदन प्रकाश सिन्हा ने कहा कि सुदेश महतो के द्वारा दिया गया भाषण झूठ का पुलिंदा है।उन्हें पहले सच्चाई का पता कर लेना चाहिए उसके बाद बयान देना चाहिए था।झारखंड में चाहे जिस किसी पार्टी का भी सरकार रहा हो हर बार आजसू पार्टी उसमें शामिल रही है।हेमंत सोरेन के सरकार में आजसू पार्टी का शामिल नहीं होना विश्व का आठवां अजूबा है।इसी दर्द से सुदेश महतो पीड़ित है।जिसे हमेशा से राज करने की आदत लगी हुई हो वह भला विपक्ष में कैसे बैठ सकता है।यदि किसानों की इतनी चिंता है तो उन्हें यह भी बतलाना चाहिए था कि उनके उपमुख्यमंत्री होने के दौरान ही तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा द्वारा हरैया डैम का शिलान्यास किया गया था जिसमें ना तो एक इंट जुटा और ना ही एक ट्रैक्टर मिट्टी गिरा।जिस डैम से हजारों एकड़ सिंचाई की जाती उसमें एक बाल्टी पानी तक स्टोर नहीं हो पाया।सुखनदिया एवं कर्माकला डैम में करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद भी एक एकड़ जमीन तक सिंचित नहीं हो पाया बल्कि कांग्रेस के समय में कराए गए कार्यों से जितनी भूमि सिंचित होती थी वह भी बंद हो गया।उस समय खुद सुदेश महतो सिंचाई मंत्री हुआ करते थे।अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने क्षेत्र का विकास किया है या विनाश यह भी बताना चाहिए था। झारखंड सरकार को किसानों की पूरी चिंता है।सोन नदी से पलामू की तमाम छोटी बड़ी नदियों को पानी देकर स्टोर करने की 456 करोड़ रुपए की योजना का शिलान्यास अभी कुछ दिन पूर्व ही माननीय मुख्यमंत्री चंपई सोरेन जी के द्वारा किया गया है।केंद्र सरकार के भेदभाव के बावजूद भी हर गांव में चार से पांच बिरसा सिंचाई कूप किसानों को दिया गया है।पारा शिक्षक सहित राज्य के लाखों अनुबंध कर्मी भाजपा सरकार की देन है जिन्हें झारखंड के वर्तमान सरकार लगातार पूर्ण रूप से सरकारी करण के रूप में अग्रसर होते हुए सभी का समायोजन नियमानुसार सरकारी कर्मी के रूप में कर रही है।यदि इन्हें पारा शिक्षकों के समस्याओं को लेकर इतना दर्द था तो अपने कार्यकाल के दौरान ही इनका नियमितीकरण क्यों नहीं करवा दिए।खुद ही आग लगाने और खुद ही पानी लेकर आने वाली राजनीति कर रहे हैं।जीन छात्राओं के पढ़ाई की सुविधा की बात सुदेश महतो कर रहे थे उन्हें शायद यह पता नहीं था कि वे छात्राएं खुद आठवीं दसवीं और उसके ऊपर क्लास की छात्राएं थी।कम से कम एक बार उनसे पूछ लेना चाहिए था कि पहले के सरकार और अब की सरकार में क्या अंतर है। छात्राओं के सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए हेमंत सोरेन की सरकार ने हर पांच किलोमीटर पर उच्च विद्यालय एवं हर प्रखंड में 12वीं कक्षा हेतु उच्च विद्यालय को उत्क्रमित कर दिया है।अब एक भी वैसे छात्राएं जो आगे की पढ़ाई करना चाहती है वो पढ़ाई से वंचित नहीं है।सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के तहत कुल 40 हजार रुपए सहयोग राशि छात्राओं को दिया जा रहा है ताकि वह आगे की पढ़ाई को जारी रखें। गठबंधन की सरकार विकास की सोच रखती है और आम जनों के साथ है। झारखंड सरकार समाज में महिलाओं को प्रतिष्ठा स्थापित करना चाहती है।बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नारा देकर बलात्कारी का स्वागत करना हम लोगों के फितरत में नहीं है।हर प्रकार के पेंशन के बावजूद भी 21 वर्ष से लेकर 50 वर्ष तक के महिलाओं को भी हर एक माह ₹1000 सहयोग राशि दिया जा रहा है ताकि वे स्वावलंबी हो सके।सरकार के पांच वर्षों के कार्यकाल के दौरान दो वर्षों तक कोरोना एवं दो वर्षों से भाजपा के इशारे पर ईडी सीबीआई ने जबरदस्त परेशान किया है जिसके कारण राज्य का जो विकास की कामना की गई थी उसे पूरा नहीं किया जा सका। इसके लिए पूर्ण रूप से बीजेपी जिम्मेवार है।एनडीए के घटक दल होने के नाते आजसू भी उतना ही विकास विरोधी है।
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