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करोड़ों की लागत से बने प्रखंड कार्यालय में शौचालय बदहाल, जनप्रतिनिधि एवं आगंतुक लोग हैं परेशान*

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दैनिक समाज जागरण
ब्यूरो चीफ उमाकांत साह

चांदन/बांका/करोड़ों की लागत से बने चांदन प्रखंड कार्यालय का सौंदर्यीकरण साफ सफाई से है विहिन। जगह जगह लगा है कुंडे का अम्बार। देखा जाए तो बांका जिले के टॉप चांदन प्रखंड कार्यालय अवस्थित शौचालय की गंदगी ने कार्यालय की रखरखाव का पोल खोल कर रख दी है। बता दें कि एक तरफ जहां प्रखंड प्रशासन पदाधिकारी कार्यालय की विधि व्यवस्था दुरुस्त बताते हैं, वहीं धरातल पर कुछ और है। खासकर ऊपरी तल पर आम लोगों एवं जनप्रतिनिधियों की सुविधा के लिए बने शौचालय स्वच्छ भारत मुहिम को चिढ़ा रहे हैं। शौचालय में गंदगी का अंबार लगा है। नियमित देखरेख एवं सफाई ना होने के कारण शौचालय बदहाल हो गए हैं। शौचालय करना तो दूर उस परिसर में जाना भी बेकार लग रहा है। चांदन प्रखंड के अधिकारी को शौचालय की साफ-सफाई को किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। इस बात को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी से बात करने पर कहते हैं प्रखंड कार्यालय की देखरेख एवं साफ सफाई के लिए पैसे नहीं है। वहीं दर्जनों की संख्या में महिलाएं जनप्रतिनिधि अपना काम करवाने मुख्यालय पहुंचती है। मुख्यालय में प्रतिदिन करीब सैकड़ों से ज्यादा की संख्या में लोग अपना काम करवाने पहुंचते हैं, लेकिन सुविधा के नाम पर आम लोगों के लिए कुछ भी नहीं है। जदयू प्रखंड अध्यक्ष दीपक भारती से इस बात को लेकर जानकारी हासिल किया तो उन्होंने भी इस बात के लिए प्रखंड अधिकारी को ही जिम्मेदारना होने की बात कह रही है। क्योंकि करोड़ों की लागत से प्रखंड कार्यालय में लगभग सभी पदाधिकारियों का परसनल टॉयलेट बना हुआ है। इसलिए रोजमर्रा की तरह आय पुरुष और महिलाएं को किया परेशानी है, उस पर नजर ही नहीं जाता है। करोड़ों की लागत से बनी प्रखंड कार्यालय में सबसे ज्यादा लड़कियों और महिलाएं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि शौचालय रहने के बावजूद भी उसे उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। यह खबर सात माह पूर्व पहले भी सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया पर प्रकाशित होने के बावजूद भी अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि चैन की नींद में सोई हुई है।


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