भारत के भूगोल में एशिया की प्रसिद्ध सबसे बड़ी जलाशय सोनबील एक अत्याधुनिक पर्यटन केंद्र के विकास की संभावना बेहद प्रबल है। गत 21 मई (बुधवार) को सोनबिल यात्रा पर आए मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी ने प्राकृतिक सौंदर्य से अभिभूत होकर खुशी जाहिर की और कहा केवल यही नहीं, उन्होंने पत्रकारों को बताया कि वे स्थानीय सांसद कृपानाथ मालाह के साथ मिलकर सोनबिल के विकास में केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी सक्रिय रहेंगे।
इस दिन उन्होंने पहले हाइलाकांडी जिले के ओइलछड़ा में कृषि विभाग के अधीन 10 हेक्टेयर भूमि पर स्थापित तेल पाम बीज नर्सरी की प्रगति का मौके पर निरीक्षण किया और वहां के किसानों के साथ विचार-विमर्श किया तथा यह बताया कि कैसे अनुपयोगी भूमि पर खेती करके आत्मनिर्भर हुआ जा सकता है और कुचीला क्षेत्र के सॉअल परीक्षण प्रयोगशाला का निरीक्षण कर विभागीय अधिकारियों को यह निर्देश देते हैं कि वे किसानों की प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करने के लिए केंद्रीय सरकार की परियोजनाओं का त्वरित कार्यान्वयन करें। बाद में, उन्होंने विसिंसा और पाइकाने में दो जल सिंचाई परियोजनाओं का निरीक्षण करके सिंचाई व्यवस्था पर जोर दिया।
इसके अलावा, विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं की जानकारी लेते हुए श्रीभूमि सांंसद कृपानाथ मालाह के साथ सोनबिल के देवद्धार में उपस्थित हुए मंत्री डॉ राजभूषण चौधरी पहुँचने पर सांंसद कृपानाथ मालाह के करीबी तथा भाजपा कार्यकर्ता जयदेव दास समेत अन्य लोगों ने मंत्री का गर्म स्वागत किया और गमच्छा और उत्तरीय देकर सम्मानित किया। बाद में इन्जिन चालित नाव पर बैठकर देवद्वार घाट से आनंदपुर काली माता के मंदिर पहुंचे और श्री श्री काली माता का आशीर्वाद लेकर सोनबिल के निवासियों की मंगलकामना की। और उन्होंने कहा कि सोनबिल को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र बनाने के लिए हमेशा सक्रिय रहेंगे।

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