समाज जागरण जिला संवाददाता — उदय सिंह लोधी
दमोह/मडियादौ। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत संचालित मडियादौ गेहूं खरीदी केंद्र में किसानों ने भारी अनियमितताओं, 51 किलो तौल, पानी की सुविधा न होना, बिना ग्रेडिंग गेहूं खरीदी, और अवैध वसूली जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। किसानों का कहना है कि केंद्र पर शासन के निर्धारित मापदंडों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है, जिससे किसानों में भारी आक्रोश है।

50 किलो की जगह 51 किलो तौल—किसानों को सीधी क्षति
किसानों ने बताया कि शासन द्वारा तय 50 किलो बोरी वजन का नियम यहां लागू नहीं हो रहा।
केंद्र पर 51 किलो तक गेहूं तौला जा रहा है, जिससे छोटे किसानों को प्रति बोरी लगभग 1 किलो गेहूं का नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई बोरियों में यह अतिरिक्त वजन जोड़ने से कुल नुकसान काफी बढ़ जाता है।
मुख्य कीवर्ड:
Madiyadau wheat procurement center
51 kg wheat weighing scam
किसान शोषण मध्यप्रदेश
गेहूं खरीदी अनियमितता
पीने के पानी की व्यवस्था नहीं, किसान परेशान
भीषण गर्मी के बीच सुबह से शाम तक लाइन में खड़े किसानों ने शिकायत की कि केंद्र पर पीने के पानी तक की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
किसानों का कहना है कि करोड़ों रुपये की खरीदी के बावजूद इतनी बुनियादी सुविधा न होना प्रशासनिक लापरवाही है।
कीवर्ड:
Wheat procurement centers MP
खरीदी केंद्र पानी की समस्या
बिना ग्रेडिंग गेहूं खरीद—नियमों की खुली धज्जियां
किसानों का सबसे गंभीर आरोप है कि केंद्र पर बिना क्वालिटी चेक (ग्रेडिंग) के गेहूं खरीदा जा रहा है।
नियमों के अनुसार गुणवत्ता परीक्षण अनिवार्य है, ताकि खराब और अच्छे गेहूं में अंतर किया जा सके।
किसानों ने कहा कि यहां मनमानी तरीके से खरीद हो रही है, जो भविष्य में विवाद की स्थिति पैदा कर सकती है।
कीवर्ड:
Wheat quality checking issue
MP wheat procurement scam
अवैध वसूली के आरोप—मानसिक और आर्थिक दबाव
किसानों ने बताया कि खरीदी केंद्र पर विभिन्न बहानों से अवैध वसूली की जा रही है।
यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह किसानों के हितों पर सीधा प्रहार है।
कीवर्ड:
illegal recovery wheat procurement
किसानों से वसूली मामला
किसानों की मांग—तुरंत जांच और कार्रवाई
स्थानीय किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि—
खरीदी केंद्र का तुरंत निरीक्षण किया जाए
तौल मशीनों की जांच कराई जाए
पानी की सुविधा उपलब्ध कराई जाए
वसूली करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
निष्कर्ष
फिलहाल मडियादौ खरीदी केंद्र पर किसानों में भारी नाराजगी है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन गंभीर शिकायतों पर कैसी कार्रवाई करता है।



